LagatarDesk : देश के जाने माने उद्योगपति रतन टाटा का 86 साल की उम्र में निधन हो गया है. उनकी मौत कैसे हुई है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आ पायी है. उद्योगपति हर्ष गोयपनका ने रतन टाटा के निधन की पुष्टी की है. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया कि घड़ी ने टिक-टिक बंद कर दी है. टाइटन का निधन हो गया. #RatanTata ईमानदारी, नैतिक नेतृत्व और परोपकार की एक मिसाल थे, जिन्होंने व्यापार और उससे परे की दुनिया पर एक अमिट छाप छोड़ी है. वह हमारी यादों में हमेशा ऊंचे स्थान पर रहेंगे.
https://lagatar.in/countrys-famous-industrialist-ratan-tata-passes-away-many-including-pm-expressed-grief/untitled-1-149/" rel="attachment wp-att-962219">

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/10/Untitled-1-14.jpg"
alt="" width="600" height="400" />
सोमवार को रतन टाटा की तबीयत खराब होने की आयी थी खबर
बता दें कि मीडिया में सोमवार को रतन टाटा की तबीयत खराब होने की खबर आयी थी. कहा जा रहा था कि मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. इसके बाद रतन टाटा ने खुद एक्स हैंडल पर पोस्ट कर अफवाह ना फैलाने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि वह रुटीन चेकअप के लिए आये हैं.
पीएम मोदी ने रतन टाटा के निधन पर जताया शोक
पीएम मोदी ने भी रतन टाटा के निधन पर दुख जताया है. उन्होंने एक्स पर तीन पोस्ट शेयर किए हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि रतन टाटा जी एक दूरदर्शी बिजनेस लीडर, दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे. उन्होंने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया. साथ ही, उनका योगदान बोर्डरूम से कहीं आगे तक गया. अपनी विनम्रता, दयालुता और हमारे समाज को बेहतर बनाने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने कई लोगों को प्रिय बना लिया. आगे कहा कि रतन टाटा जी के सबसे अनूठे पहलुओं में से एक ये था कि उन्हें बड़े सपने देखने का जुनून था. वह शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, पशु कल्याण जैसे कुछ मुद्दों का समर्थन करने में सबसे आगे थे. मेरा मन रतन टाटा जी के साथ अनगिनत संवादों से भरा हुआ है. जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तो मैं उनसे अक्सर मिलता था. हमने विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. मुझे उनका दृष्टिकोण बहुत समृद्ध लगा. जब मैं दिल्ली आया तो ये बातचीत जारी रही. उनके निधन से बेहद दुख हुआ. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के साथ हैं. ॐ शांति.
https://twitter.com/narendramodi/status/1844082581534539778 न केवल टाटा समूह को आकार दिया, बल्कि राष्ट्र का मूल ताना-बाना भी बुना : एन चंद्रशेखर
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखर ने रतन टाटा के निधन पर शोक जताते हुए बयान जारी किया है. बयान में कहा है कि हम अत्यंत क्षति की भावना के साथ रतन नवल टाटा को अंतिम विदाई दे रहे हैं. एक असाधारण नेता जिनके अतुलनीय योगदान ने न केवल टाटा समूह को आकार दिया, बल्कि हमारे राष्ट्र का मूल ताना-बाना भी बुना. टाटा समूह के लिए, टाटा एक चेयरपर्सन से कहीं अधिक थे. मेरे लिए वह एक गुरु थे, मार्गदर्शक और मित्र भी थे. उन्होंने आगे कहा कि अटूट प्रतिबद्धता के साथ, रतन टाटा के नेतृत्व में टाटा समूह ने उत्कृष्टता, अखंडता और नवाचार का विस्तार किया. वह हमेशा अपने नैतिक दिशा-निर्देश के प्रति सच्चे रहे. परोपकार और समाज के विकास के प्रति टाटा के समर्पण ने प्रभावित किया है. लाखों लोगों का जीवन, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवा तक, उनकी पहल ने गहरी जड़ें जमा ली हैं. इससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा. पूरे टाटा परिवार की ओर से, मैं उनके प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. उनकी विरासत हमें प्रेरित करती रहेगी क्योंकि हम उनके सिद्धांतों को कायम रखने का प्रयास करेंगे.
https://twitter.com/TataCompanies/status/1844082059960254962
Leave a Comment