- वर्ष 2015-17 की अवधि में विवेकानंद विद्या मंदिर का 2 करोड़ से अधिक की राशि गबन करने का है आरोप
Ranchi : आपराधिक षड्यंत्र के साथ-साथ धोखाधड़ी और जालसाजी को लेकर वर्ष 2017 में दर्ज प्राथमिकी के नामजद चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका अपर न्याययुक्त एके तिवारी की अदालत ने खारिज कर दी.
कोर्ट ने जिनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज की है उनमें झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता अभय कुमार मिश्रा के अलावा विवेकानंद विद्या मंदिर के तीन पदाधिकारी काशीनाथ मुखर्जी, मलय कुमार और आदित्य कुमार बनर्जी शामिल है. इनकी ओर से प्रधान न्यायायुक्त की अदालत में 22 अप्रैल को अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी.
क्या कहा कोर्ट ने
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि यह मामला 11 साल पहले की है. मामले में लगभग 7 वर्ष तक अनुसंधान की कार्रवाई चली है. जगन्नाथपुर पुलिस ने उक्त चारों आरोपियों के खिलाफ अदालत में पुख्ता सबूत के साथ आरोप पत्र 13 मार्च 2024 को दाखिल कर दिया है.
कोर्ट ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा है कि विवेकानंद विद्या मंदिर, जिसे श्री रामकृष्ण सेवा संघ द्वारा संचालित किया जा रहा है. आरोपियों के खिलाफ गंभीर प्रकृति का आरोप है. इन आरोपियों के खिलाफ स्कूल की नियमों का उल्लंघन कर करोड़ों की राशि का गबन से संबंधित है.
आरोपियों के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता महेश तिवारी ने जगन्नाथपुर थाने में वर्ष 2017 में धोखाधड़ी, विश्वासघात, आपराधिक षडयंत्र रचने और जालसाजी और चोरी करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराया है.
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