Ranchi : माओवादी संगठन और अपराधी गिरोहों को अवैध हथियार व कारतूस सप्लाई करने के आरोपी बिहार के सारण जिला के सोनपुर थाना क्षेत्र निवासी पूर्व बीएसएफ जवान अरुण कुमार सिंह उर्फ फौजी को अदालत से राहत नहीं मिली.
एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने उसकी जमानत याचिका चौथी बार खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर साक्ष्य मौजूद हैं और यूएपीए की धारा का आरोपी है.
एनआईए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में लंबी न्यायिक हिरासत मात्र जमानत का आधार नहीं बन सकती. 28 अप्रैल को कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. यहां बता दें कि आरोपी बीएसएफ जवान 20 नवंबर 2021 से जेल में है.
क्या है मामला
दरअसल, यह मामला एनआईए केस संख्या 04/2021 से जुड़ा है. इससे पहले मामले में एटीएस थाना कांड संख्या 01/2021 दर्ज हुई थी. आरोपी और उसके सहयोगियों ने बीएसएफ से कारतूस निकालकर माओवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) और अन्य अपराधी गिरोहों तक पहुंचाए. मामले में बड़ी मात्रा में 9 एमएम और इंसास राइफल के कारतूस बरामद किया गया था.
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