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Court News : DAV कपिलदेव की नर्सिंग स्टाफ से यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व प्रिंसिपल को 3 साल की सजा, 10000 जुर्माना भी लगा

डीएवी कपिलदेव स्कूल की नर्सिंग स्टाफ से छेड़खानी और यौन उत्पीड़न मामले में रांची सिविल कोर्ट  ने तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को सजा सुना दी है. AJC अरविंद कुमार की कोर्ट ने मनोज कुमार सिन्हा को तीन साल की सजा दी है. साथ ही 10000 का जुर्माना लगाया है.
 

Ranchi :  डीएवी कपिलदेव स्कूल की नर्सिंग स्टाफ से छेड़खानी और यौन उत्पीड़न मामले में रांची सिविल कोर्ट  ने तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को सजा सुना दी है. AJC अरविंद कुमार की कोर्ट ने मनोज कुमार सिन्हा को तीन साल की सजा दी है. साथ ही 10000 का जुर्माना लगाया है. 

 

इससे पहले कोर्ट ने मामले में अपना फैसाल सुनाते हुए पूर्व प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को दोषी ठहराया था. इससे पहले  दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.पीड़िता की ओर से अधिवक्ता खुशबू कटारुका और अधिवक्ता शुभम कटारुका ने पक्ष रखा था. 

 


दरअसल, डीएवी कपिलदेव स्कूल के तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा पर मई 2022 में स्कूल की ही एक महिला नर्स के साथ यौन उत्पीड़न और अश्लील डिमांड करने का आरोप लगा था. पीड़िता नर्स ने मामले को लेकर अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था. उन्हें नवंबर 2022 में हाईकोर्ट से जमानत भी मिल गई थी. 

 


लेकिन पीड़िता ने उन पर जेल से बाहर आने के बाद धमकाने एवं दबाव देने का आरोप लगाया था और झारखंड हाईकोर्ट से उनकी जमानत रद्द करने का आग्रह किया था. हाईकोर्ट में पीड़िता के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा को पूर्व में मिली जमानत रद्द कर दी थी.

 


मनोज कुमार सिन्हा ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली थी. जिसके बाद उन्होंने अदालत में सरेंडर किया था. इसके बाद उन्हें फिर से जेल भेज दिया गया था. मामले के जांच अधिकारी ने जांच पूरी करते हुए 25 जुलाई 2022 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी.

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