- हजारीबाग- बरही सड़क के चौड़ीकरण के दौरान पेड़ कटाई से संबंधित PIL हाईकोर्ट ने क्या निष्पादित
Ranchi News : हजारीबाग- बरही सड़क (एनएच 33) के चौड़ीकरण के दौरान पेड़ कटाई से संबंधित कोर्ट के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले को निष्पादित करते हुए हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एनएचएआई और सरकार के वन विभाग को कुछ दिशा निर्देश दिया.
हजारीबाग- बरही सड़क के किनारे पौधारोपण में यह ध्यान दें कि पौधा फल-फूल बच सके इसके लिए दो पौधों के बीच पर्याप्त जगह छोड़े. कोर्ट ने मामले में एमिकस क्यूरी को निर्देश दिया कि वह हजारीबाग- बरही सड़क (एनएच 33) के पौधारोपण संदर्भ में एनएचएआई और वन विभाग को पौधारोपण के संबंध में आवश्यक सुझाव दें, जिस पर यह दोनों उचित कदम उठाए.
इससे पहले एनएचएआई की ओर से शपथ पत्र दाखिल किया गया था. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि उक्त एनएच के एक स्ट्रेच 15 किलोमीटर के एक स्टेज पर जहां पौधारोपण नहीं लगाया जा सकते थे वहां भी कुछ दूसरे तरह के पौधे लगाए जाएंगे.
इसके अलावा यह भी बताया गया कि उक्त एनएच के किनारे जरूरी संख्या में पौधे लगा दिए गए हैं. कोर्ट ने एनएचएआई पर संतुष्टि जताते हुए इस जनहित याचिका को निष्पादित कर दी.
यहां बता दें कि पूर्व की सुनवाई में एनएचएआई ने कोर्ट को मौखिक बताया था कि मॉनिटरिंग एजेंसी की बहाली कर ली गई है, जो वहां लगाये गये पेड़ों के संदर्भ में स्थल निरीक्षण कर जांच करेगी. मॉनिटरिंग एजेंसी वहां लगे पेड़ों के संरक्षण और देखभाल का भी निरीक्षण करेगी. इसपर कोर्ट ने एनएचएआई को शपथ पत्र के माध्यम से इस संदर्भ जवाब दायर करने का निर्देश दिया था.
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