Jamtara News: शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाने और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी मथान मुर्मू को दोषी ठहराया है और 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है.
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सोमवार को जिला जज प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत में सजा के बिंदु पर अंतिम सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 96 तथा पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में दोषी करार देते हुए अलग-अलग सजा सुनाई.
अदालत ने BNS की धारा 96 के तहत आरोपी को 10 वर्ष की कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया. अर्थदंड नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई. अर्थदंड नहीं देने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास होगा.
इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई. अर्थदंड नहीं देने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की कुल 50 हजार रुपये की राशि पीड़िता को दी जाएगी. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा आरोपी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा.
महाराष्ट्र से बरामद हुई थी नाबालिग
मामला फतेहपुर थाना कांड संख्या 24/2025 से संबंधित है. प्राथमिकी के अनुसार, 24 मई 2025 को नाबालिग पीड़िता घर से सामान लाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. इसके बाद उसके पिता ने फतेहपुर थाना में लिखित शिकायत देकर पुत्री की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई थी.
पुलिस अनुसंधान के दौरान मोबाइल लोकेशन के आधार पर पता चला कि आरोपी मथान मुर्मू नाबालिग को बहला-फुसलाकर शादी की नीयत से अपने साथ उसे महाराष्ट्र लेकर चला गया. आरोप है कि आरोपी ने वहां करीब आठ दिनों तक नाबालिग को अपने साथ रखा और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए.
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर महाराष्ट्र में आरोपी के साथ नाबालिग को बरामद किया था. मामले में सरकार की ओर से सात गवाहों का परीक्षण कराया गया. साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर अदालत ने 24 सितंबर को मथान मुर्मू को दोषी करार दिया तथा सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तिथि निर्धारित की थी.
सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपी को सजा सुनाई गई. आरोपी घटना के बाद से ही न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है. आरोपी जामताड़ा थाना क्षेत्र के दुलाडीह का निवासी बताया गया है.
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