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मधेपुरा में पप्पू यादव के लिए आधी रात में खुला कोर्ट, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गये

 

 

 Patna :  जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो और पूर्व सांसद पप्पू यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिये जाने की खबर है. बता दें कि मधेपुरा में आधी रात को कोर्ट खोला गया और सुनवाई हुई. बिहार में लॉकडाउन  में ऐसा पहली बार हुआ है कि लगभग आधी रात को कोर्ट खुला और सुनवाई की गयी.

न्यायिक दंडाधिकारी सुरभि श्रीवास्तव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से केस को सुना और पप्पू यादव को रिमांड टू जेल का आदेश देते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बीरपुर (सुपौल) जेल भेज दिया. साथ ही बेहतर इलाज की व्यवस्था का भी आदेश जारी किया. रात में लगभग 12 बजे प्रशासन उन्हें लेकर बीरपुर जेल चला गया.  

रात 11 बजे मधेपुरा सिविल कोर्ट खोला गया

  
इससे पहले मंगलवार को उन्हें पटना में गिरफ्तार किया गया था  गिरफ्तार करने के बाद पप्पू यादव के समर्थकों के भारी विरोध के बीच उन्हें मधेपुरा ले जाया गया. खबरों के अनुसार रात के लगभग 10:50 बजे 30 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ पप्पू यादव को मधेपुरा कोर्ट लाया गया. जान लें कि पप्पू यादव की पेशी के लिए रात 11 बजे मधेपुरा सिविल कोर्ट खोला गया.
 

रात में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई


इस क्रम में कोर्ट के कर्मचारी कार्यालय पहुंचे, वहां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्व सांसद की पेशी हुई. पेशी के दौरान उन्होंने कोर्ट के सामने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की मांग की.  पप्पू यादव की पेशी को लेकर बड़ी संख्या में  पुलिस बल   तैनात किया गया था. लेकिन सैकड़ों समर्थक रात के अंधेरे में जगह-जगह डटे नजर आये.

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल मचाया

बता दें कि जन अधिकार पार्टी सुप्रीमो पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल मचाया.  पुलिस जब पप्पू यादव को गांधी मैदान थाने से मधेपुरा ले जा रही थी इस दौरान उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस काफिले को रोक लिया. एनएच 19 पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर लेट गये और पुलिस वाहनों को रोका. 


 32 साल पुराने अपहरण केस में हुई गिरफ्तारी  

बता दें कि बिहार के मधेपुरा के उदाकिशुनगंज के कुमार खंड थाने में 1989 में अपहरण का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पप्पू यादव अभियुक्त थे. इस मामले में पप्पू यादव ने बेल ली हुई थी, लेकिन ये बेल टूट गयी थी, जिसके बाद 22 मार्च 2021 को कोर्ट ने वारंट जारी किया था. इसी मामले में पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया है.
पूर्व सांसद पप्पू यादव पर 29 जनवरी 1989 को अपने चार साथियों के साथ मिलकर दो युवकों का अपहरण करने का आरोप है. मधेपुरा जिला के मुरलीगंज थाना अंतर्गत मिडिल चौक से रामकुमार यादव और उमा यादव का अपहरण किया गया था. इस मामले में शैलेन्द्र यादव ने पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.


भाजपा पर जेल भेजने की साजिश रचने का आरोप

मधेपुरा में पप्पू यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुझे भाजपा के इशारे पर गहरी साजिश के तहत जेल भेजा जा रहा है. मैं नीतीश कुमार से पूछना चाहता हूं कि आखिर जो मामला हाई कोर्ट में लंबित है, उस मामले में कोरोना काल मे गिरफ्तारी क्या जरूरी थी?`

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