Deoghar: देवघर राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा जांच अभियान तेज कर दिया है. डीसी के निर्देश पर गठित संयुक्त खाद्य सुरक्षा दल ने शुक्रवार को मंदिर मोड़ स्थित भोजनालयों, ठेला-खोमचा, डिस्ट्रीब्यूटर और थोक दुकानों में औचक निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान देसी जायका भोजनालय के रसोईघर में काफी गंदगी पाई गई. इस पर संबंधित प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई. जांच में विभिन्न भोजनालयों में इस्तेमाल किया जा रहा पनीर गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप पाया गया.
इंडियन स्पाइस मटन हाउस से जुड़ी एक ऑनलाइन उपभोक्ता शिकायत के आधार पर भी विस्तृत जांच की गई. इसी क्रम में सिद्धि विनायक ट्रेडिंग में लगभग 360 बैग फॉर्चून ब्रांड का एक्सपायर्ड आटा, जिसका वजन करीब 10 हजार किलोग्राम था, और लगभग 80 बैग इमामी ब्रांड का बेसन, जिसका वजन करीब 800 किलोग्राम था, बरामद किया गया.
पूरे स्टॉक को ताजा उत्पादों से अलग कर अगले आदेश तक सुरक्षित रखवा दिया गया है. मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. खाद्य सुरक्षा दल ने सभी प्रतिष्ठानों को परिसर की नियमित सफाई रखने और स्वच्छता के सभी मानकों का पालन करने का निर्देश दिया.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेले के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित किसी भी शिकायत पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. खाद्य सुरक्षा से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए 8448739474 पर संपर्क किया जा सकता है.

नगर आयुक्त सुलोचना मीना
इधर नगर आयुक्त सुलोचना मीना ने श्रावणी मेला में स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने पर चारपाई रेस्टोरेंट के संचालक पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.
निरीक्षण में रेस्टोरेंट के बाहर कचरे का बड़ा ढेर पाया गया. जांच में सामने आया कि रेस्टोरेंट से निकलने वाला गीला और सूखा कचरा डस्टबिन में डालने के बजाय मुख्य सड़क पर फेंका जा रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध फैल रही थी.
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