Mumbai : जाने-माने उद्योगपति गौतम अडाणी के बंदरगाह से लेकर सीमेंट समेत विभिन्न कारोबार से जुड़े समूह ने काफी ज्यादा कर्ज लिया हुआ है. समूह द्वारा इस ऋण का उपयोग मुख्य रूप से मौजूदा के साथ-साथ नये कारोबार में आक्रामक तरीके से निवेश करने के लिए किया जा रहा है. फिच समूह की इकाई क्रेडिटसाइट्स की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया है. क्रेडिटसाइट्स ने कहा है कि स्थिति बिगड़ने पर अधिक महत्वाकांक्षी ऋण-वित्त पोषित विकास योजनाएं अंततः एक बड़े कर्ज जाल में बदल सकती हैं और संभवतः समूह की एक या एक एक से अधिक कंपनियों के लिए संकटपूर्ण या चूक की स्थिति पैदा हो सकती है. इसे भी पढ़ें : शिवसेना">https://lagatar.in/whose-election-symbol-of-shiv-sena-shindes-or-uddhavs-sc-handed-over-to-5-judge-constitution-bench/">शिवसेना
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अडाणी समूह ने 1980 के दशक में जिंस कारोबारी के रूप में काम शुरू किया.
अडाणी समूह ने 1980 के दशक में जिंस कारोबारी के रूप में काम शुरू किया. और बाद में खान, बंदरगाह और बिजली संयंत्र, हवाईअड्डा, डेटा सेंटर तथा रक्षा जैसे क्षेत्रों में कदम रखा. हाल ही में समूह ने होल्सिम की भारतीय इकाइयों का 10.5 अरब डॉलर में अधिग्रहण कर सीमेंट क्षेत्र के साथ एल्युमिना विनिर्माण में कदम रखा. रिपोर्ट के अनुसार, अडाणी समूह ने पिछले कुछ साल में आक्रामक विस्तार योजना अपनाई है. इससे कर्ज और नकदी प्रवाह पर दबाव पड़ा है. क्रेडिटसाइट्स ने कहा, अडाणी समूह तेजी से नये और अलग-अलग कारोबार में कदम रख रहा है, जो अत्यधिक पूंजी गहन हैं. इससे निगरानी के स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर जोखिम बढ़ा है. इसे भी पढ़ें : सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-said-on-freebies-free-schemes-for-the-poor-are-important-hearing-the-matter-in-the-interest-of-the-country/">सुप्रीमकोर्ट ने फ्रीबीज पर कहा, गरीबों के लिए मुफ्त की स्कीमें महत्वपूर्ण, देश हित में सुन रहे हैं मामला, कल भी सुनवाई
अडाणी समूह की घरेलू शेयर बाजार में छह सूचीबद्ध कंपनियां हैं
रिपोर्ट में कहा गया है कि समूह की कंपनियों में प्रवर्तक इक्विटी पूंजी डाले जाने का पक्का सबूत है लेकिन अडाणी समूह में पर्यावरणीय, सामाजिक और संचालन (ईएसजी) के स्तर पर कुछ जोखिम भी है. इसमें कहा गया है कि अडाणी समूह के पास अडाणी एंटरप्राइजेज के माध्यम से मजबूती के साथ कंपनियों के संचालन का एक मजबूत ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ है. साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था के बेहतर तरीके से कामकाज से संबंधित बुनियादी ढांचे का एक पोर्टफोलियो भी है. अडाणी समूह की घरेलू शेयर बाजार में छह सूचीबद्ध कंपनियां हैं और इसके समूह की कुछ संस्थाओं के पास अमेरिकी डॉलर बॉन्ड को लेकर बकाया भी है. इसे भी पढ़ें : नितिन">https://lagatar.in/nitin-gadkari-said-time-is-the-biggest-capital-not-taking-timely-decisions-is-the-biggest-problem-of-the-government/">नितिनगडकरी ने कहा, समय सबसे बड़ी पूंजी, वक्त पर फैसला नहीं करना सरकार की सबसे बड़ी समस्या
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