Ranchi : झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) ने अंतरराष्ट्रीय शोध जगत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है.विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधार्थियों ने कोटा विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एसपीसीएमएस-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीन ‘बेस्ट पेपर अवॉर्ड’ अपने नाम किए हैं. इस सफलता से विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है.
23-24 मार्च 2026 को आयोजित इस सम्मेलन में वाणिज्य, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों पर देश-विदेश के विद्वानों ने अपने विचार साझा किए.सीयूजे की इस उपलब्धि में वाणिज्य एवं वित्तीय अध्ययन विभाग और व्यवसाय प्रशासन विभाग की अहम भूमिका रही. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय उद्योग विशेषज्ञ शशांक गुप्ता (Morgan Stanley Group International Ltd., न्यूयॉर्क) का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा.

पुरस्कार विजेता टीम में प्रो. बटेश्वर सिंह, डॉ. रचना जायसवाल, शशांक गुप्ता, मेघा रानी पटेल और नेहा कुमारी शामिल हैं. इन सभी ने समकालीन आर्थिक और तकनीकी मुद्दों पर गहन शोध प्रस्तुत कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.

सम्मेलन के टेक्निकल सेशन-I में प्रस्तुत शोध “Beyond Good Intentions: The Roles of Decision Confidence, Virtue Signaling, and Nudges in Impact Investing Adoption” को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र का सम्मान मिला. यह शोध निवेश के क्षेत्र में व्यवहारिक मनोविज्ञान और निर्णय प्रक्रिया के नए पहलुओं को सामने लाता है.

वहीं, प्रबंधन ट्रैक में प्रस्तुत दो शोध-Money on My Mind: Exploring How Financial Literacy Shapes Budgeting and Spending Behaviours among Tourists औरPriced by Algorithms, Judged by Tourists: How AI-Driven Dynamic Pricing Shapes Travel Decisions—को भी ‘बेस्ट पेपर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया. इन शोधों में वित्तीय साक्षरता, उपभोक्ता व्यवहार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव का व्यापक विश्लेषण किया गया है.

सीयूजे की उपलब्धि को और मजबूती तब मिली, जब शोध दल का एक पेपर स्कोपस सूचीबद्ध जर्नल में स्वीकृत हुआ, जबकि दो अन्य शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में समीक्षा प्रक्रिया में हैं. यह विश्वविद्यालय के शोध कार्यों की गुणवत्ता और वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है.
इस क्रम में डॉ. रचना जायसवाल का अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग भी उल्लेखनीय रहा. उनका शोध GenAI Personalization: Antecedents, Outcomes, Mediators, and Moderators” प्रतिष्ठित International Journal of Contemporary Hospitality Management (SSCI, Impact Factor 9.2, ABDC-A, Scopus Q1) में प्रकाशित हुआ है.

यह शोध Texas A&M University (अमेरिका) और Duy Tan University (वियतनाम) के विद्वानों के साथ मिलकर किया गया है, जो सीयूजे की वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देता है.विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह सफलता सीयूजे के बढ़ते शोध प्रभाव और गुणवत्ता का प्रमाण है. साथ ही विश्वास जताया गया कि ऐसी उपलब्धियां ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
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