Ranchi : पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिला में स्थित गलसी महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित और भारतीय सामाजिक विज्ञान परिषद (ICSSR) द्वारा प्रायोजित छठे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के शोधार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की.
सम्मेलन में सीयूजे की दो शोधार्थियों-पूजा कुमारी और दौलत कुमार रॉय को उनके उच्च स्तरीय शोध प्रस्तुतियों के लिए सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया.यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 9–10 जनवरी को आयोजित हुआ, जिसका विषय था ‘इक्कीसवीं सदी में लोकतांत्रिक भारत का वैश्विक उदय: स्वदेशी ज्ञान परंपरा व समावेशी शासन का एकीकरण’. सम्मेलन में देश-विदेश से आए प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे यह एक महत्वपूर्ण बौद्धिक मंच के रूप में उभरा.
सीयूजे के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग से सहायक प्रोफेसर डॉ. बिभूति भूषण बिस्वास के नेतृत्व में शोधार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल सम्मेलन में शामिल हुआ. इस दल में पूजा कुमारी, अविनाश कुमार, दौलत कुमार रॉय, बिन्नी कुमारी, ऋषि मरांडी, सोलिका रानी, अभिषेक प्रसाद और डॉली कुमारी शामिल थे, जिन्होंने समसामयिक एवं शोध-उन्मुख विषयों पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए.
सम्मेलन के दौरान पूजा कुमारी को उनके शोध-पत्र ‘चुनाव पूर्व मुफ्त सेवाओं की संस्कृति का बढ़ता चलन और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर इसका प्रभाव’ के लिए, जबकि दौलत कुमार रॉय को ‘लोक कल्याणकारी योजनाओं का राजनीतिकरण: बिहार विधानसभा चुनाव के संदर्भ में लोकप्रिय धारणा और उसके चुनावी निहितार्थ’ विषयक शोध-पत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र पुरस्कार प्रदान किया गया.
इस अवसर पर डॉ. बिभूति भूषण बिस्वास ने शोधार्थियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान छात्रों की मेहनत और शोध क्षमता का परिणाम है, साथ ही यह विभाग और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करता है.
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