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चालू वित्तीय वर्ष में अब तक केंद्रीय योजनाओं की 2222 करोड़ की राशि में से 419 करोड़ ही खर्च

Ranchi: झारखंड में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए कुल 2222.35 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया गया. इसके मुकाबले अब तक सिर्फ 419 करोड़ रुपये ही खर्च किया जा सका है. यानी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के मामले में सरकार की उपलब्धि सिर्फ 19 प्रतिशत है. केंद्र प्रायोजित योजनाओं में खर्च की यह स्थिति SNA-SPARSH प्रणाली लागू किये जाने की वजह से हुई है.

 

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय व केंद्र प्रायोजित योजनाओं के Mother Sanction में 2222.35 करोड़ की राशि उपलब्ध है. इसके मुकाबले राज्य सरकार ने सिर्फ 419 करोड़ रुपये ही खर्च किया है. खर्च के मामले में सबसे खराब स्थिति नेशनल रूरल हेल्थ मिशन, नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन, नगर विकास और प्रधान मंत्री आवास योजना की है.

 

सरकार के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन मद में 285.25 करोड़ रुपये उलब्ध है. इसके मुकाबले सिर्फ 72.77 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाये हैं. स्कूली शिक्षा व साक्षरता मद में उपलब्ध 215.65 करोड़ रुपये में से सिर्फ 15.09 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं. इसी तरह नेशनल रुरल लाइवलीहुड मिशन मद में उपलब्ध 198.20 करोड़ रुपये में से सिर्फ 90 लाख रुपये ही खर्च किये जा सके हैं. केंद्र द्वारा लागू किये गये SNA-SPARSH पर जिन योजनाओं का प्रस्ताव नहीं अपलोड होगा उन योजनाओं में केंद्र से पैसा नहीं मिलेगा.

 

केंद्र सरकार ने केंद्रीय व केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए पैसा देने की प्रक्रिया में तब्दीली कर दी है. केंद्र सरकार पहले केंद्रीय व केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए अपने हिस्से राशि राज्य सरकार को देती थी. राज्य सरकार द्वारा इसे खर्च करने के बाद केंद्र सरकार को उपयोगिता प्रमाण पत्र देना पड़ता था. लेकिन राज्यों द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र देने में देर की जाती थी. महालेखाकार ने भी अपनी रिपोर्ट में झारखंड सरकार द्वारा अब तक केंद्रीय व केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 1.33 लाख करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया है.

 

SNA-SPARSH पर उपलब्ध राशि और खर्च का ब्योरा (करोड़ में)

योजना का नाम राशि   खर्च
कृषि उन्नति  87.29   57.72
पशु स्वास्थ्य  32.93   12.53
राष्ट्रीय कृषि विकास  82.56  35.11
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता  215.65  15.09
निर्मल भारत   75.00   18.45
नगर विकास   365.85  65.50
माइक्रो फुड प्रोसेसिंग  25.00   12.99
समाज कल्याण  21.27  00.26
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य  285.25   72.77
आयुष मिशन   30.73   4.58
न्यायालयों का अधारभूत संरचना  17.54   17.51
प्रधानमंत्री आवास   761.29  00.04
नेशनल रुरल लाइवलीहुड   198.20  00.90
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई   23.75   16.96

 

राज्यों द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र देने में देर करने सहित अन्य कारणों को देखते हुए केंद्र सरकार ने पैसा देने की प्रक्रिया में बदलाव किया. इसके लिए पहले SNA का इस्तेमाल किया गया. नवंबर 2025 से केंद्रीय व केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए पैसा देने के लिए SNA-SPARSH प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है. पहले SNA प्रक्रिया के तहत एक बैंक आकाउंट खोला जाता था. इसमें केंद्र और राज्य सरकार अपने अपने हिस्से का पैसा देती थी. इसके बाद उसमें से लाभुकों को भुगतान किया जाता था. नवंबर 2025 लागू SNA-SPARSH में पैसा रिजर्व बैंक के पास रहता है. केंद्रीय व केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए पैसा खर्च करने की सीमा तय कर दी जाती है. इसे Mother Sanction के नाम से जाना जाता है.

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