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परसुडीह से चार महीने पहले गायब किशोरी को सीडब्ल्यूसी ने परिजनों व पुलिस को सौंपा

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Jamshedpur :  महाराष्ट्र के पुणे में बरामद परसुडीह थाना क्षेत्र के गोलपहाड़ी रेलवे कॉलोनी की किशोरी को महाराष्ट्र चाईल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) ने बुधवार को परसुडीह पुलिस और परिजन को सौंप दिया है. इस दौरान किशोरी के परिजन रीना मुखी, पवन मुखी और संस्कृति सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष  रितेश घोषाल भी मौजूद थे. किशोरी कल टाटानगर स्टेशन पहुंचेगी. छह अप्रैल को किशोरी अपने घर से रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी. किशोरी के गायब होने के बाद उसे बरामद कराने में स्थानीय सामाजिक संस्था संस्कृति सोशल वेलफेयर फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. संस्था की अध्यक्ष मुनमुन चक्रवर्ती ने बताया कि किशोरी के गायब होने के बाद उसके परिजनों ने उनसे संपर्क किया. आठ अप्रैल को परसुडीह थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई. लेकिन लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण का दौर होने के कारण पुलिस की ओर से कुछ खास कार्रवाई नहीं की गई. संस्कृति सोशल वेलफेयर फाउंडेशन भी चाहकर कुछ नहीं कर पाई. लेकिन संस्था हमेशा प्रयासरत रही कि किशोरी सही सलामत शहर आ जाए. इसके लिए जमशेदपुर की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, डिस्ट्रीक्ट चाईल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर और पुलिस के वरीय पदाधिकारियों से संस्था ने निरंतर संपर्क बनाए रखा. मुनमुन चक्रवर्ती ने बताया कि बच्ची को शहर लाने में प्रशासनिक  शिथिलता को देखते हुए उन्होंने संस्था के फंड से पुणे जाने वालों का रिजर्वेशन कराया. साथ में संस्था के वोलेंटियर्स को भी भेजा.

किशोरी के जमशेदपुर आने के बाद ही खुलेगा उसके कोलकाता से पुणे जाने का राज

किशोरी के चाचा पवन मुखी ने बताया कि छह अप्रैल 2021 को वह घर से रहस्यमय ढंग से गायब हो गई. खोजबीन करने के दौरान ज्ञात हुआ कि किशोरी कोलकाता से पुणे चली गई है. इसकी जानकारी होने के बाद सामाजिक संस्था संस्कृति सोशल वेलफेयर फाउंडेशन ने अपने स्तर से किशोरी का हुलिया के आधार पर चाइल्ड लाइन और अन्य संभावित जगहों पर इसकी जानकारी दी. इसके बाद किशोरी को पुणे में चाईल्ड लाईन ने बरामद किया. पवन मुखी ने बताया कि वह अकेले बाजार जाने से भी डरती थी. लेकिन कैसे यहां से कोलकाता और फिर पुणे चली गई. यह रहस्यमय है. जमशेदपुर आने के बाद ही उसके पुणे जाने का राज खुलेगा.

पुणे जाने से महिला कांस्टेबल ने कर दिया इनकार

सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष मुनमुन चक्रवर्ती ने बताया कि उन्होंने संस्था के फंड से इस केस के अनुसंधान पदाधिकारी, परसुडीह थाना की महिला कांस्टेबल, किशोरी के चाचा-चाची और संस्था के वोलेंटियर का रिजर्वेशन कराया. रात में ट्रेन थी, लेकिन ऐन मौके पर परसुडीह थाना की महिला कांस्टेबल ने पुणे जाने से इनकार कर दिया. उन्होंने बताया कि ऐसे में चाहकर भी टिकट कैंसिल नहीं हो सका. उन्होंने किशोरी के पुणे जाने के मामले को संदेहास्पद बताते हुए कहा कि इस मामले में काफी लापरवाही बरती गई. अन्यथा चार माह पहले किशोरी जमशेदपुर आ जाती. [wpse_comments_template]

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