टैक्स रेड पर बोली BJP – BBC दुनिया की सबसे भ्रष्ट और बकवास कॉरपोरेशन
जानें क्या है मामला
विकास ने पुलिस को दिये आवेदन में बताया कि उन्होंने नौकरी के लिए कई वेबसाइट पर आवेदन दिया था. एक सप्ताह पहले एक व्यक्ति ने उन्हें फोन कर कहा कि एक बैंक में वैकेंसी है. अगर आप चाहें तो आपको उसमें नौकरी मिल सकती हैं, उसके लिए आपको कुछ प्रोसेस से गुजरना होगा. विकास में जब सहमति जतायी तो ऑनलाइन ढाई हजार रुपये का भुगतान करवा कर ऑनलाइन ही विकास का एक एग्जाम कंडक्ट किया गया. इसके बाद विकास के पास उसी व्यक्ति का फोन आया और उन्हें यह बताया गया कि उनकी नौकरी पक्की हो गई है. इसके लिए उन्हें कागजात वेरिफिकेशन सहित दूसरे कामों के लिए कुछ पैसे जमा करने होंगे. इसके बाद साइबर अपराधियों ने उसे झांसे में लेकर दस्तावेज के सत्यापन करने, पैनकार्ड और दूसरी अन्य चीजों की जांच करने के नाम पर राशि ली. इसके बाद साइबर अपराधियों के द्वारा उनसे आवास उपलब्ध कराने और ज्वाइनिंग लेटर देने के नाम पर 50-50 हजार रुपए लिया, इसके बाद भी विकास को ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला. विकास कुमार ने जब बैंक की नौकरी के लिए बात करने वाले व्यक्ति को फोन करना चाहा तो उसका फोन भी बंद मिला. जिसके बाद विकास को पता चला कि उसके साथ ठगी की गई है. जिसके बाद विकास ने थाना में मामला दर्ज कराया है. इसे भी पढ़ें - DSP">https://lagatar.in/dsp-to-ips-promotion-case-even-after-one-and-a-half-months-the-home-department-did-not-send-the-file-to-upsc-after-removing-the-deficiencies/">DSPसे IPS प्रोन्नति मामला : डेढ़ माह बाद भी गृह विभाग ने कमियों को दूर कर नहीं भेजा यूपीएससी को फाइल [wpse_comments_template]

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