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आधी रात को दस्तक देगा चक्रवाती तूफान रेमल  : पीएम मोदी ने बैठक की, सुंदरबन इलाके से एक लाख लोगों को सुरक्षित आश्रयों तक पहुंचाया गया

रविवार सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने दक्षिण बंगाल के जिलों को प्रभावित किया है, जिसकी वजह से कोलकाता में अधिकतर बसें, टैक्सियां और तिपहिया वाहन सड़कों से नदारद रहे.  NewDelhi :  प्रधानमंत्री मोदी ने चक्रवाती तूफान रेमल से निपटने को लेकर की गयी तैयारियों की समीक्षा के लिए रविवार को बुलाई गयी बैठक की अध्यक्षता की. चक्रवाती तूफान के बांग्लादेश और इसके पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के बीच के समुद्र तटों पर करीब आधी रात को दस्तक देने की आशंका है. प्रचंड चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों और कोलकाता में भारी बारिश हुई है. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/#google_vignette">

                    नेशनल खबरों के लिए यहां क्लिक करे मौसम कार्यालय के अनुसार, रेमल के उत्तर की तरफ बढ़ने व इसके अधिक प्रचंड होने तथा रविवार आधी रात तक इसके एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में सागर द्वीप और खेपुपाड़ा के बीच बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटों पर दस्तक देने की संभावना है. इस चक्रवाती तूफान के कारण प्रभावित तटवर्ती इलाकों में 110-120 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलेगी और यह गति 135 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. कोलकाता हवाई अड्डे के अधिकारियों ने रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए उड़ानें निलंबित कर दी हैं. इसके अलावा पूर्वी और दक्षिण पूर्वी रेलवे ने कई ट्रेन का परिचालन रद्द कर दिया है. कोलकाता में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य अधिकारियों ने सुंदरबन और सागर द्वीप सहित तटीय क्षेत्रों से लगभग 1.10 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाया है. अधिकारी ने बताया कि बचाव और राहत कार्य के प्रयासों को मजबूत करने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 16-16 टीम तटीय क्षेत्रों में तैनात की गयी हैं.

कोलकाता हवाई अड्डे  पर रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए उड़ान संचालन निलंबित  

चक्रवात रेमल के आगमन से पहले रविवार को कोलकाता और दक्षिण बंगाल के अन्य हिस्सों में हवाई, रेल और सड़क परिवहन में व्यवधान पैदा हुआ है और सोमवार को भी ऐसे ही हालात रहने की आशंका है. कोलकाता हवाई अड्डे के अधिकारियों ने ऐहतियात के तौर पर रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए उड़ान संचालन निलंबित कर दिया है. इसके अलावा, पूर्वी और दक्षिण पूर्वी रेलवे ने कई ट्रेन रद्द कर दी हैं. रविवार सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने दक्षिण बंगाल के जिलों को प्रभावित किया है, जिसकी वजह से कोलकाता में अधिकतर बसें, टैक्सियां और तिपहिया वाहन सड़कों से नदारद रहे.

394 अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें संचालित नहीं होंगी

एएआई के एक अधिकारी ने कहा कि उड़ानों पर रोक के दौरान कुल 394 अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें संचालित नहीं होंगी. अधिकारी ने बताया कि यह एहतियाती कदम नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय (एनएससीबीआई) हवाईअड्डे के हितधारकों के साथ बैठक के बाद उठाया गया है.   एक अधिकारी ने कहा कि पूर्वी रेलवे ने सियालदह दक्षिण खंड और सियालदह मंडल के बारासात-हसनाबाद खंड में रविवार रात 11 बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक ट्रेन सेवाएं निलंबित कर दीं और कई ईएमयू लोकल ट्रेनें रद्द कर दीं.

 एनडीआरएफ  की 16-16 बटालियन को तटीय क्षेत्रों में तैनात किया गया

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गंभीर चक्रवात रेमल के आसन्न प्रभाव से निपटने के लिए एहतियाती उपायों के तहत सुंदरबन और सागर द्वीप सहित तटीय क्षेत्रों से लगभग 1.10 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित आश्रयों तक पहुंचाया जा रहा है. यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को दी. अधिकारी ने बताया कि इन प्रयासों में तेजी लाने के लिए, राज्य आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 16-16 बटालियन को तटीय क्षेत्रों में तैनात किया गया है. अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, "तटीय क्षेत्रों से 1.10 लाख लोगों को सुरक्षित आश्रयों में स्थानांतरित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है. इन लोगों में से एक बड़ी संख्या दक्षिण 24 परगना जिले, विशेष रूप से सागर द्वीप, सुंदरबन और काकद्वीप से है.

राज्य सरकार ने लगभग 5.40 लाख तिरपाल वितरित किये हैं

इसके अलावा, राज्य सरकार ने लगभग 5.40 लाख तिरपाल वितरित किये हैं और इन जिलों में सूखा राशन, पाउडर दूध और पीने के पानी के पाउच की उपलब्धता सुनिश्चित की है, जिससे आसन्न संकट के लिए तैयारी सुनिश्चित हो सके. अधिकारी ने कहा चक्रवात के चलते तटीय जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि कोलकाता और इसके आसपास भारी वर्षा हो सकती है. तटीय क्षेत्रों, विशेषकर दीघा, शंकरपुर और ताजपुर में अधिकारियों ने परामर्श जारी करके पर्यटकों से होटल खाली करने और एहतियात के तौर पर समुद्र में जाने से परहेज करने का आग्रह किया है. अधिकारी ने कहा, "हमने इन लोकप्रिय समुद्री तट स्थलों पर एनडीआरएफ की टीमों के साथ अपनी राज्य और जिला आपदा इकाइयों को तैनात किया है. अधिकांश होटलों को खाली करा लिया गया है और समुद्र तक पहुंच प्रतिबंधित कर दी गयी हैं. [wpse_comments_template]  

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