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ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में दादी जानकी की पुण्यतिथि मनायी गयी, आध्यात्मिक जागृति का मतलब निरंतर आगे बढ़ते जाना है...

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Ranchi : ब्रह्मा कुमारीज की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी जानकी  की दूसरी पुण्यतिथि का आयोजन रविवार को हरमू रोड स्थित प्रजापति ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में किया गया कार्यक्रम सुबह 8:30 आरंभ हुआ. इसे वैश्विक आध्यात्मिक जागृति दिवस के रूप में मनाया गया. इस अवसर पर दादी के भक्तों भारी संख्या में उपस्थित थे. दादी को याद करते हुए एक छोटी बच्ची ने उनका प्रिय गीत मुझे बाबा मिल गया है, मेरे साथ चलते चलते..  प्रस्तुत किया. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/03/bbb.gif"

alt="" width="600" height="400" /> इस क्रम में 10 मिनट का मेडिटेशन भक्तों के बीच किया गया.  इस दौरान विश्वविद्यालय की वर्तमान मुख्य प्रशासिका निर्मला देवी, नागपुरी  कलाकार और पदम श्री मधु मंसूरी हंसमुख सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. निर्मला दादी ने बताया कि आज ही के दिन 2 साल पहले दादी जानकी  ने अपना देह त्याग किया था. कहा कि आध्यात्मिक जागृति का अर्थ निरंतर आगे बढ़ते जाना है. दादी जी के सम्पूर्ण जीवन में हमें यही देखने को मिला.

आध्यात्मिक ज्ञान का महत्व धर्म से ज्यादा होता है

उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान का महत्व धर्म से ज्यादा होता है. यह ज्ञान हमें अंदर से बाहर जाना सिखाता है. यह ज्ञान हमें देने की प्रक्रिया सिखाता है. मधु मंसूरी मनसुख ने बताया कि  आज पहली बार यहां आने के बाद एक सुखद अनुभव उन्हें हुआ है. उन्होंने सभी से अनुरोध करते हुए कहा कि मनुष्य को अपनी जिंदगी में समय, शक्ति और पैसा को बर्बाद नहीं करना चाहिए. कहा कि पवित्रता मनुष्य की अपनी पहचान है, जिसके पास यह है, वही व्यक्ति इस दुनिया में महान है.   [wpse_comments_template]

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