Ranchi : DAY-NULM के तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) के गठन में झारखंड अपने लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है. राज्य के 50 निकायों में 85 फीसदी से ज्यादा एसएचजी बन चुके हैं. 4502 एसएचजी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. इसके विरूद्ध अबतक राज्य में 3837 एसएचजी बनाये जा चुके हैं. वहीं 1020 में से 850 एसएचजी बैंक से क्रेडिट लिंकेज हो चुके हैं. करीब 84 प्रतिशत एसएचजी बैंक से लिंक हो चुके हैं. डे-एनयूएलएम के तहत शहरी इलाकों में स्वयं सहायता समूहों का गठन कर इससे गरीब महिलाओं को जोड़कर उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
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30 निकायों ने शत-प्रतिशत लक्ष्य कर लिया पूरा
50 नगर निकायों में से 30 निकायों ने दिये गये लक्ष्य को पूरा करते हुए 100 प्रतिशत एसएचजी का गठन कर दिया है. वहीं 20 निकाय लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं. गढ़वा ने दिये गये लक्ष्य के विरूद्ध अबतक 80.6% एसएचजी का गठन किया है, वहीं धनबाद ने 79.5%, हजारीबाग ने 90.8%, चास ने 89.3%, रामगढ़ ने 88.4%, रांची ने 74.2%, खूंटी ने 82.1%, सिम़डेगा ने 90.9% एसएचजी बना लिये हैं. वहीं आदित्यपुर ने 134 में 89, फुसरो ने 69 में से 66, बड़की सरिया ने 15 में से 11, गिरिडीह ने 140 में 131, जुगसलाई ने 38 में से 32 एसएचजी का गठन कर लिया है.कौशल विकास कर स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा
शहरी निकायों की गरीब महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए नगर विकास विभाग की ओर से DAY-NULM संचालित हो रहा है. इसके तहत शहरी गरीबों को उनकी योग्यता के आधार पर कई तरह के कार्यों का प्रशिक्षण देकर, उनका कौशल विकास करके स्वयं सहायता समूहों के जरिये स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. छोटा-मोटा कारोबार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और आर्थिक मदद दी जा रही है. झारखंड के सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जुड़ी महिलाओं के स्वदेशी उत्पादों को नगरीय प्रशासन निदेशालय व्यापक बाजार भी दे रहा है. इसे भी पढ़ें – राजधानी,">https://lagatar.in/road-construction-department-will-take-ownership-of-the-roads-connecting-the-capital-district-headquarters-and-major-tourist-places/">राजधानी,जिला मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थल को जोड़ने वाली सड़कों का स्वामित्व लेगा पथ निर्माण विभाग [wpse_comments_template]
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