Lagatar Desk
मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ना सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली चलने का एलान व आह्वान किया. बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के बारे में जो-जो बातें अब तक कोई न कह पाया, वह सब कह दिया. दीपके ने कहा- यह आदमी जब से प्रधानमंत्री बना है, तब से हमारे टैक्स के पैसे से दुनिया घूम रहा है.
दीपके ने मुंबई के शिवाजी मैदान में कहा कि जब से बने हैं, कहते रहते हैं- मैंने चाय बेची है, मैंने चाय बेची है. अरे क्यों बेची? हमने कहा था चाय बेचने. स्कूल चले जाते. कुछ पढ़-लिख लेते तो कुछ नौकरी कर लेते. दूसरी बात जो कहते रहते हैं- गरीब मां का बेटा हूं. गरीब मां का बेटा हूं. अरे तेरी वजह से सारे बच्चे गरीब मां के बेटे हो गये हैं. खुद तो गरीब मां के बेटे बन ही गये थे, हमें भी गरीब मां का बेटा बना दिया.
मोदी ही नहीं दीपके ने गृह मंत्री अमित शाह को भी चुनौती दे दी कि वह दिल्ली आ रहा है. दम है तो गिरफ्तार करके दिखाओ. पिछले आंदोलन की तरह अगर लाठीचार्ज कराया तो पूरी दिल्ली को जंतर-मंतर बना देंगे.
उल्लेखनीय है कि मोदी के चाय बेचने और गरीब मां के बेटा होने के बयानों पर मीडिया लहालोट होता रहा और भाजपा जहां गर्व महसूस करती रही है, वोट बटोरता रही है, वहीं विपक्ष ने किसी भी नेता ने कभी इसी बात को लेकर हमलावर होने की हिम्मत नहीं दिखायी. लेकिन अभिजीत दीपके ने एक झटके में उनके इन्हीं दो बयानों को लेकर उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया. हालांकि चाय बेचने का कोई प्रत्यक्षदर्शी अब तक सामने नहीं आया है, इस वजह से विपक्ष इसे झूठी बात कहता रहा है. लेकिन दीपके ने सीमाओं को तोड़ दिया.
पिछली बार जुलाई माह में जब कॉकरोच पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, तब युवाओं ने मोदी सरकार की पोल खोल कर रख दी थी. 12 साल से जिस साम्राज्य को कायम किया था, उसकी धज्जियां उड़ा कर रख दी थी. भाजपा की गालीबाज ट्रोल पार्टी अंडरग्राउंड होने को मजबूर हो गयी थी और पीएम नरेंद्र मोदी को इंस्टाग्राम पर आना पड़ा था. हालांकि इसका उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ. उस आंदोलन का अंत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही हुआ था.
देखा जाये तो जिस सोशल मीडिया और युवाओं को सहारा बनाकर मोदी शिखर तक पहुंचे, वही युवा और सोशल मीडिया अब उनकी कब्र खोदने में लगा है. राजनीतिक विश्लेषक कहने लगे हैं कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के भ्रष्टाचार व गड़बड़ियां उजागर होने के बाद मोदी कार्रवाई में जितना ज्यादा वक्त लेंगे, उनकी और भाजपा की उतनी ही फजीहत तय है.
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