SANJIT YADAV
Dehradoon/Ranchi : देहरादून में कुख्यात अपराधी विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में एक तरफ पुलिस की जांच तेज होती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ हत्या के 7 घंटे के भीतर देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह का तबादला कर दिया गया. उन्हें एसएसपी एसटीएफ बनाया गया है, जबकि एसटीएफ में तैनात नवनीत सिंह को हरिद्वार की कमान सौंपी गई है.
अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ हत्या का केस
विक्रम शर्मा की हत्या के बाद उनके पड़ोसी अखिलेश सिंह के बयान पर डालनवाला थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस को घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले हैं. फुटेज के आधार पर पुलिस बागबेड़ा के शातिर अपराधी आकाश प्रसाद, उसके साथी आशुतोष कुमार सिंह और विशाल की तलाश में जुटी है.
मानगो में बनी थी हत्या की साजिश
सूत्रों के अनुसार, हत्या की साजिश जमशेदपुर के मानगो इलाके में रची गई थी. बताया जा रहा है कि जुलाई 2025 में विक्रम शर्मा का भाई अरविंद शर्मा अपने सहयोगी प्रभात से मिलने मानगो पहुंचा था, जिसके बाद हत्या की योजना तैयार की गई. जांच में यह भी सामने आया है कि बाद में इस योजना में अन्य अपराधियों और गैंगस्टरों को भी शामिल किया गया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, जमशेदपुर में विक्रम शर्मा का बढ़ता राजनीतिक प्रभाव भी हत्या की एक संभावित वजह माना जा रहा है.
हरिद्वार से किराए पर ली गई थीं गाड़ियां
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने हरिद्वार से एक बाइक और एक स्कूटी किराए पर ली थी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हरिद्वार में ही छिपे होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस की कोशिश है कि आरोपियों को राज्य से बाहर निकलने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया जाए.
संपत्ति विवाद भी जांच के दायरे में
विक्रम शर्मा के करीबियों के मुताबिक उसका अपने भाई अरविंद शर्मा के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था. अरविंद काशीपुर में रहता है और उसका पूर्व में आपराधिक इतिहास भी रहा है. सोनारी के कारोबारी अशोक शर्मा हत्याकांड में उसके खिलाफ पहले से लाल वारंट जारी होने की बात सामने आई है. पुलिस इस एंगल से भी मामले की गहराई से जांच कर रही है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा.

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