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INDIA के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल 29 को मणिपुर जायेगा, जमीनी हकीकत देखेगा,सरकार को सुझाव देगा

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NewDelhi : विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवपलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस (INDIA) के घटक दलों के नेताओं ने शुक्रवार को कहा कि विपक्षी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मणिपुर जाकर पहले जमीनी स्थिति का आकलन करेगा. हिंसा प्रभावित राज्य मणिपुर से लौट कर राज्य की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार और संसद को अपनी अनुशंसा भी देगा. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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प्रतिनिधिमंडल में  अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई,  सुष्मिता देव, महुआ माजी शामिल

20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में 29-30 जुलाई को मणिपुर का दौरा करेगा. प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई और फूलोदेवी नेताम, जनता दल (यूनाइटेड) के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एवं अनिल हेगड़े, तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी, द्रमुक की कनिमोई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पीपी मोहम्मद फैजल, राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एन के प्रेमचंद्रन और वीसीके पार्टी के टी थिरुमावलवन शामिल होंगे. इसके अलावा शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत, जदयू के अनिल हेगड़े भाकपा के संदोश कुमार, माकपा के ए ए रहीम, समाजवादी पार्टी के जोवद अली खान, आम आदमी पार्टी के सुशील गुप्ता, द्रमुक के डी रवि कुमार और आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर भी इस प्रतिनिमंडल का हिस्सा होंगे.

उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जांच करें

बता दें कि लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने मणिपुर हिंसा की उच्चतम न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की. गोगोई ने पीटीआई-भाषा से कहा, भाजपा यह तस्वीर पेश करना चाहती है कि मणिपुर में सब कुछ ठीक है, जबकि हिंसा अब भी जारी है. इसलिए हम चाहते हैं कि उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के तहत जांच कराई जाये कि यह सब कैसे हुआ. उन्होंने प्रदेश सरकार पर विफलता का आरोप लगाया और सवाल किया कि इतने लोगों को हथियार कैसे मिले? उन्होंने कहा ‘मैं मणिपुर जाऊंगा और सच्चाई का पता लगाऊंगा. उस सच्चाई को संसद के सामने रखूंगा.

हम चिंतित हैं, हम चाहते हैं कि राज्य में शांति लौटे..

तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव ने कहा कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल यह संदेश देना चाहता है कि हम मणिपुर के लोगों के साथ हैं. उन्होंने कहा, हम चिंतित हैं, हम चाहते हैं कि राज्य में शांति लौटे... सरकार विफल रही है, इसलिए हम वहां जाना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि क्या समाधान निकाला जा सकता है. द्रमुक के नेता टी आर बालू ने कहा कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल शनिवार सुबह मणिपुर के लिए रवाना होगा और पता लगायेगा कि वहां क्या गलत हुआ, किस हद तक जान-माल का नुकसान हुआ है. आरएसपी के प्रेमचंद्रन ने कहा कि इस दौरे का लक्ष्य राज्य में होने वाली घटनाओं के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करना है.

कांग्रेस ने   लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया  

उन्होंने कहा, हिंसा अभी भी जारी है इसलिए हम प्रत्यक्ष रूप से जानकारी हासिल करना चाहेंगे और लोकसभा में चर्चा से पहले सरकार और संसद को कुछ समाधान और सिफारिशें सुझाना चाहेंगे. बता दें कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA के अन्य घटक दल मानसून सत्र के पहले दिन से ही मणिपुर में जातीय हिंसा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से संसद में वक्तव्य देने और चर्चा कराये जाने की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच बुधवार को लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिस पर सदन में चर्चा के लिए मंजूरी दे दी गयी. उस दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि वह सभी दलों के नेताओं से बातचीत करने के बाद इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तिथि तय करेंगे. [wpse_comments_template]

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