NewDelhi : दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा जंतर-मंतर पर सीजेपी के आंदोलन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने के आरोपी एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा को पुलिस जांच की निगरानी से हटाने से इनकार किये जाने की खबर है. याद करें कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) संसद मार्च के दौरान हिंसा हुई थी.
इस दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को एडिशनल डीसीपी द्वारा कथित तौर पर थप्पड़ मारने का वीडियो चर्चा में आया था, जो वायरल हो गया था. इसका भारी विरोध हुआ था. विवाद बढ़ते देख अगले दिन 21 जुलाई को संदीप लांबा को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन की ड्यूटी से किनारे कर दिया गया था.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस गिरीश कठपालिया ने घटना के विरोध में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए कहा, सिर्फ इसलिए कि एक वीडियो में एडीसीपी कथित तौर पर एक महिला को थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं, हम उनकी छवि खराब नहीं कर सकते. हमें उस समय की जमीनी हकीकत देखनी होगी.
अगर उस समय भीड़ संसद में घुस जाती, गोलियां चलती और कई लोगों की जान चली जाती, तब क्या होता? यह कहते हुए जस्टिस गिरीश कठपालिया ने याचिका खारिज कर दी. कहा कि किसी एक घटना में अधिकारी पर लगे आरोपों का मतलब यह नहीं लगाया जाना चाहिए कि वह हर मामले में गलत तरीके से काम करेंगे.
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