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दिल्ली शराब घोटाला : केजरीवाल के जमानत मामले में फैसला सुनाये बिना SC की बेंच उठी, गुरुवार को सुनवाई संभव

 NewDelhi : दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किये गये दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की याचिका पर आज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव को देखते हुए अरविंद केजरीवाल को अंतरिम राहत देने पर भी मंथन किया. जस्टिस खन्ना ने कहा कि केजरीवाल जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं. कानून इसका अधिकार देता है. लेकिन उन्हें पीएमएलए की धारा 45 का पालन दिखाना होगा. हालांकि, SC ने आज कोई फैसला नहीं दिया.                                           ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/#google_vignette">

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  केजरीवाल ने हाई कोर्ट के फैसले को  SC में चुनौती दी है

केजरीवाल ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को सही करार दिया था. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है. सुनवाई के क्रम में SC ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के सीएम हैं. वह आदतन अपराधी नहीं हैं. इसलिए चुनाव को देखते हुए उन्हें अंतरिम राहत देने पर विचार किया जा सकता है. ईडी ने यह कहते हुए अंतरिम जमानत पर विचार करने का विरोध किया कि नेताओं के लिए अलग नियम नहीं हो सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को या अगले सप्ताह इस मामले की सुनवाई करेगा.

एएसजी राजू ने 100 करोड़ के हवाला लेनदेन की बात कही

ईडी की ओर से पेश हुए एएसजी राजू ने SC में 100 करोड़ रुपए के हवाला लेनदेन की बात कही. राजू ने कहा कि जब इस मामले की जांच शुरू की गयी थी तो यह केजरीवाल खिलाफ नहीं थी. जांच़-पड़ताल के क्रम में उनकी(केजरीवाल) भूमिका सामने आयी. एएसजी ने कहा कि यह जांच अधिकारी तय करता है कि कौन सा बयान सही है और कौन सा नहीं. अपनी बात रखते हुए एएसजी राजू ने कोर्ट में गवाहों के बयानों का जिक्र किया. कहा कि सभी बयान हिरासत में सीसीटीवी के सामने लिये गये. कोर्ट को बताया कि 164 सीआरपीसी के तहत मजिस्ट्रेट के सामने स्वतंत्र रूप से बयान दिये गये हैं.

जस्टिस खन्ना ने कहा, वह दिल्ली के चुने हुए मुख्यमंत्री हैं

जस्टिस खन्ना ने कहा कि वह दिल्ली के चुने हुए मुख्यमंत्री हैं. चुनाव चल रहे हैं. जस्टिस ने इसे असाधारण परिस्थिति करार देते हुए कहा कि वह आदतन अपराधी नहीं हैं. इस पर एसजी मेहता ने आपत्ति दर्ज कराई, कहा कि हम किस तरह का उदाहरण पेश कर रहे हैं. क्या दूसरे लोग सीएम से कम महत्वपूर्ण हैं? क्या हम नेताओं के लिए अलग अपवाद अपना रहे हैं. क्या चुनाव के लिए प्रचार अधिक जरूरी है? हालांकि जस्टिस खन्ना ने कहा कि निश्चित तौर पर हम अपराध में शामिल नेताओं से अलग व्यवहार नहीं करना चाहते हैं. श्री मेहता का कहना था कि सवाल यह है कि उन्हें(केजरीवाल) अंतरिम जमानत मिले या नहीं. कहा कि उन्हें छह माह पहले बुलाया गया था. लेकिन वह खुद जज बन गये. इस क्रम में श्री मेहता ने कहा कि यदि उन्होंने सहयोग किया होता तो हो सकता है कि गिरफ्तारी नहीं होती. अब वह कह रहे हैं कि हमें प्रचार करना है.

अभी अंतरिम जमानत पर विचार ना किया जाये: ईडी

एसजी मेहता ने कहा कि अंतरिम जमानत का इस सवाल टाल दिया जाये. हमें पूरा मौका मिलना चाहिए. उन्होंने संजय सिंह का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने जमानत का दुरुपयोग किया है. साथ ही मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर के अभाव में प्रशासनिक काम नहीं रुकता. केजरीवाल हस्ताक्षर नहीं करते हैं. केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, एसजी मेहता गलत बोल रहे हैं. इस तरह की अंतरिम जमानत परिस्थितियों के अनुसार दी जाती है. कहा कि एलजी(उपराज्यपाल) ने दो सप्ताह पहले यह कहकर एक फाइल लौटा दी थी कि इस पर सीएम के हस्ताक्षर नहीं है. इस पर जस्टिस खन्ना का कहना था कि वह खुद को ईडी द्वारा उठाये गये मुद्दों तक सीमित रखें.

दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 20 मई तक बढ़ाई  

दिल्ली की एक अदालत ने आज आबकारी घोटाले से जुड़े एक धनशोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 20 मई तक बढ़ा दी. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लिए विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने केजरीवाल की हिरासत 20 मई तक बढ़ा दी. इससे पहले आम आदमी पार्टी (आप) के नेता की हिरासत समाप्त होने पर उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत में पेश किया गया था. न्यायाधीश ने सह-आरोपी चनप्रीत सिंह की न्यायिक हिरासत भी 20 मई तक बढ़ा दी. न

  कविता की न्यायिक हिरासत 14 मई तक बढ़ाई गयी

दिल्ली की अदालत ने शराब नीति से जुड़े कथित धन शोधन के मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की विधान पार्षद (एमएलसी) के. कविता की न्यायिक हिरासत मंगलवार को 14 मई तक बढ़ा दी. तेलंगाना की एमएलसी कविता को उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद सीबीआई और ईडी मामलों की विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत में पेश किया गया था. सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत को बताया कि जांच महत्वपूर्ण चरण में है और वह एक हफ्ते में कविता के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर सकती है [wpse_comments_template]

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