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दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के फेक ID और डॉक्यूमेंट्स बनाने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने 11 दिसंबर से बांग्लादेशियों की पहचान के लिए ऑपरेशन शुरू किया है. पुलिस ने अब तक एक हजार से अधिक बांग्लादेशियों की पहचान की है. NewDelhi : दिल्ली पुलिस ने आज मंगलवार को फेक ID और डॉक्यूमेंट्स बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने 11 लोगों को धर दबोचा है. गिरफ्तार लोगों में पांच बांग्लादेशी और छह स्थानीय लोग हैं. खबरों के अनुसार ये लोग अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को फर्जी डॉक्यूमेंट्स वोटर ID, आधार कार्ड बनवा कर दिल्ली में बसाते थे. जान सें कि दिल्ली पुलिस ने 11 दिसंबर से बांग्लादेशियों की पहचान के लिए ऑपरेशन शुरू किया है. अभियान के तहत पुलिस घर-घर जाकर सत्यापन कर रही है. दस्तावेजों की जांच और पूछताछ कर रही है, इस टारगेटेड ऑपरेशन के लिए स्थानीय पुलिस और विदेशी सेल को लगाया गया है.

हत्या के मामले में बांग्लादेश से आये 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है

दक्षिणी दिल्ली के DCP अंकित चौहान ने जानकारी दी कि गिरफ्तार लोगों के पास से फर्जी आधार कार्ड, वोटर ID, पासपोर्ट बरामद किये गये हैं वेबसाइट रजत मिश्रा चलाता था. गिरफ्तार लोगों में एक महिला भी है, जिसने फर्जी आधार से वोटर कार्ड बनवाया था. पुलिस ने अब तक एक हजार से अधिक बांग्लादेशियों की पहचान की है. बताया कि एक हत्या के मामले में बांग्लादेश से आये 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. वे फर्जी दस्तावेज बना कर रह रहे हैं. दिल्ली में साहिल नाम के व्यक्ति ने उनके फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाये.  बताया कि अवैध अप्रवासी भारतीय क्षेत्र में प्रवेश के लिए जंगल के रास्तों और एक्सप्रेस ट्रेनों का इस्तेमाल करते थे.

उपराज्यपाल के निर्देश पर हो रही कार्रवाई

लगातार.इन को जो जानकारी मिली, उसके अनुसार दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 10 दिसंबर को मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को तलब किया था. एलची ने दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. दो माह का टारगेटेड अभियान शुरू करने का आदेश जारी किया था.

गिरोह के तार अरविंद केजरीवाल और उनके विधायकों से जुड़े होंगे : मनोज तिवारी 

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के मुद्दे पर कहा, मेरा मानना ​​है कि इन लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए और इन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए. यह हमारे देश के लोगों के अधिकारों को छीनने का कृत्य है. इनकी जड़ों की जांच होनी चाहिए.  जिस तरह से अरविंद केजरीवाल अवैध घुसपैठियों के मतदान को रोकने के लिए चुनाव आयोग गये हैं, हमें पूरा विश्वास है कि इस गिरोह के तार अरविंद केजरीवाल और उनके विधायकों से जरूर जुड़े होंगे.    

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