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दिल्ली जल संकट : आतिशी ने हरियाणा को ठहराया जिम्मेवार, SC का रूख करने का निर्णय

  • `वॉर रूम` स्थापित पेयजल के लिए 1916 पर करें कॉल
NewDelhi :  देश में भीषण गर्मी पड़ रही है. हीट वेब से लोगों की जान भी जा रही है. इस बीच भीषण गर्मी के कारण दिल्ली में बीते कई दिनों से जल संकट गहरा गया है. इसको लेकर दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने आपात बैठक की. बैठक में जल संकट से निबटने पर विचार विमर्श किया गया. बैठक के बाद आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि एक सेंट्रल वॉटर टैंकर का `वॉर रूम` दिल्ली जल बोर्ड में स्थापित किया जा रहा है. इस वॉर रूम का नेतृत्व एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी करेंगे.

प्रवर्तन टीम पानी की बर्बादी की करेगी जांच 

आतिशी ने बताया कि जो भी दिल्लीवासी पानी का टैंकर चाहते हैं, वे 1916 पर कॉल कर सकते हैं. बताया कि 5 जून ने दिल्ली के हर वॉटर जोन में एक एडीएम और एक एसडीएम स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे. वे त्वरित प्रतिक्रिया टीम बनायेंगे जो पानी की कमी वाले इलाकों में ग्राउंड पर उपलब्ध होगी. आतिशी ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड की 200 प्रवर्तन टीमें बनायी जा रही है, जो पानी की बर्बादी की जांच करेगी.

कार वॉशिंग सेंटर में पीने के पानी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध

आतिशी ने आगे कहा कि निर्माण स्थलों पर किसी भी प्रकार के पीने के पानी का इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा रहा है. जल मंत्री ने गाड़यों की धुलाई और मरम्मत वाले सेटरों में पीने के पानी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. अगर कोई भी कार वॉशिंग सेंटर पीने के पानी का इस्तेमाल करते पकड़ा गया तो उसे सील कर दिया जायेगा.

आतिशी ने जल संकट को लेकर हरियाणा को ठहराया जिम्मेदार, SC का करेंगी रूख 

 आतिशी का आरोप है कि हरियाणा द्वारा यमुना में दिल्ली के हिस्से का पानी नहीं छोड़े जाने के कारण जलापूर्ति में कमी आयी है. आतिशी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हरियाणा और यूपी वालों को आदेश दे कि दिल्ली वालों को उनके हक का पानी दे. दिल्ली जल संकट को लेकर आयोजित बैठक में जल संसाधन मंत्री आतिशी, स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

पानी की बर्बादी की तो लगेगा 2000 जुर्माना

बता दें कि इससे पहले बुधवार को दिल्ली सरकार ने पानी की बर्बादी पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लया, साथ ही जुर्माना लागू करने के लिए 200 टीमें भी गठित की. सरकार ने जल संकट से प्रभावित इलाकों में दो पालियों में ट्यूबवेल चलाने और जलापूर्ति के लिए पानी के टैंकर भेजने जैसे कदम उठाने का भी फैसला किया है.
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