Ranchi: रिनपास कांके में लंबे समय से इलाजरत महिला मरीजों को छह जनवरी को धनबाद के एक वृद्धा आश्रम में पुनर्वास के लिए भेजा गया था. लेकिन वहां उनमें से कुछ के साथ कथित तौर पर शारीरिक शोषण की घटना घटी. पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की सूचना के बाद पुनः 14 जनवरी को वृद्धा आश्रम से उनको वापस रिनपास लाया गया. यहां आने पर उन मरीजों ने अपने साथ हुए कथित उत्पीड़न की बात संस्थान की महिला कर्मचारियों और चिकित्सकों से बताई. किंतु रिनपास प्रशासन के द्वारा आज तक न ही उन महिला मरीजों की चिकित्सकीय जांच कराई गई और ना ही किसी प्रकार की आगे की कार्रवाई की गई. जिससे कि घटना की तह तक जाया जा सके. इसे पढ़ें- ट्यूमर">https://lagatar.in/eye-came-out-due-to-tumor-complex-operation-done-in-rims/">ट्यूमर
की वजह से आंख निकल आई थी बाहर, रिम्स में हुआ जटिल ऑपरेशन हाल यह है कि बुधवार को रिनपास का निरीक्षण करने और पूर्व में घटित घटना की जानकारी लेने पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी को उस महिला मरीज से मिलने भी नहीं दिया गया. इसे लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरीय नेता समनूर मंसूरी के नेतृत्व में गए एक प्रतिनिधिमंडल ने पुनर्वास के नाम पर भेजी गई महिलाओं के साथ हुई ज्यादती और उत्पीड़न की जांच कर न्याय दिलाने की मांग राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी से की. उन्होंने मौजूदा प्रभारी निदेशक डॉ जयति सिमलाई के वाहन से 2 मार्च 2022 को धक्का लगने के बाद घायल हुई खैरूनिशा नाम की महिला मरीज जिसकी बाद में इलाज के क्रम में रिम्स में 14 अप्रैल को मौत हो गई थी, के मामले की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की. समनूर मंसूरी ने मौजूदा प्रभारी निदेशक पर असंवेदनशील और अयोग्य होने का आरोप भी लगाया. इसे भी पढ़ें- चर्चित">https://lagatar.in/hc-stays-pest-action-against-noted-builder-amit-saraogi/">चर्चित
बिल्डर अमित सरावगी के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक इसपर ममता कुमारी ने कहा कि वे महिला मरीजों के साथ घटी घटना की जांच करवाएंगी और उन्हें न्याय दिलाएंगी. कहा कि रिनपास में काफी दयनीय स्थिति है. उन्होंने निदेशक को एक माह में व्यवस्था में परिवर्तन लाने का निर्देश दिया है. [wpse_comments_template]
पुनर्वास के लिए भेजी गई महिला मरीजों के उत्पीड़न मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग

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