Ranchi : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को रांची प्रवास के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से शिष्टाचार मुलाकात कर झारखंड के विमानन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा. इस दौरान केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी उपस्थित रहे.
चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में एयर कनेक्टिविटी विस्तार, नए एयरपोर्ट निर्माण, एयर कार्गो सुविधाओं के विकास, धार्मिक एवं औद्योगिक पर्यटन को बढ़ावा देने, मेडिकल एविएशन नेटवर्क और विमानन प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं.
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज एवं औद्योगिक राज्यों में शामिल होने के बावजूद पर्याप्त हवाई सेवाओं से वंचित है. रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, देवघर, हजारीबाग और पलामू जैसे क्षेत्रों में बेहतर एयर कनेक्टिविटी की आवश्यकता है.
चैंबर ने रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को पूर्ण अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने और दुबई, दोहा, सिंगापुर, बैंकॉक और काठमांडू के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की. साथ ही रनवे विस्तार, एयर कार्गो टर्मिनल एवं आधुनिक नाइट लैंडिंग सुविधा विकसित करने का आग्रह भी किया गया.
ज्ञापन में जमशेदपुर/धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने, धनबाद एयरपोर्ट को उड़ान योजना से जोड़ने और बोकारो एयरपोर्ट से नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू करने की मांग भी शामिल रही. देवघर एयरपोर्ट के विस्तार के जरिए धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने पर भी जोर दिया गया.
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में एयर कार्गो एवं लॉजिस्टिक हब विकसित करने, कृषि एवं एमएसएमई उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और एयर फ्रेट सब्सिडी लागू करने का सुझाव दिया. इसके अलावा दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों के लिए एयर एंबुलेंस सेवा, हेलिपैड नेटवर्क और मेडिकल एविएशन नेटवर्क विकसित करने की मांग भी उठाई गई. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नेतरहाट, बेतला, पारसनाथ, सरांदा और पत्रातू घाटी को जोड़ते हुए “झारखंड टूरिज्म एयर सर्किट” विकसित करने का प्रस्ताव भी दिया गया.
चैंबर प्रतिनिधियों ने रांची एयरपोर्ट में पार्किंग और ट्रैफिक जाम की समस्या, कोहरे के कारण उड़ानों में देरी एवं डायवर्जन का मुद्दा उठाते हुए CAT-II ILS सिस्टम स्थापित करने और एयरपोर्ट के सामने स्थित डिफेंस भूमि पर आधुनिक पार्किंग सुविधा विकसित करने की मांग की.
साथ ही हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए आम यात्रियों और एमएसएमई क्षेत्र को राहत देने के लिए एयरफेयर संतुलित रखने, लाइट फेयर योजना लागू करने और मेडिकल डिस्काउंट देने का आग्रह किया.
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए झारखंड में विमानन क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने और छोटे शहरों को राष्ट्रीय एविएशन नेटवर्क से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है.
बैठक के बाद चैम्बर प्रतिनिधिमंडल ने बाइक रैली के माध्यम से केंद्रीय मंत्री को एयरपोर्ट तक विदा किया. प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, सह सचिव नवजोत अलंग, रोहित पोद्दार, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, डॉ. अभिषेक रामाधीन, तुलसी पटेल, पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री एवं उप समिति चेयरमैन श्रवण राजगढ़िया शामिल थे.
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