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सरना धर्म कोड की मांग, 8 जनवरी को हरमू मैदान में महारैली

 
Ranchi : आदिवास‍ियों का हक और अधिकार,जल, जंगल, जमीन छीना जा रहा है. आदिवास‍ियों की सांकृतिक सभ्यता,भाषा विलुप्त हो रही है. यह कहना है केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की का. वह शुक्रवार को हरमू मैदान में मीड‍िया को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा क‍ि प्रार्थना सभा सह महारैली के माध्यम से केंद्र सरकार से सरना धर्म कोड की मांगा की जाएगी. आदिवास‍ी लंबे समय से सरना कोड की मांग कर रहे हैं. खासकर आदिवास‍ियों का आरक्षण लुटने का काम किया जा रहा है. इसे सुरक्षित रखने के लिए 8 जनवरी को हरमू मैदान में सरना प्रार्थना सभा सह सरना धर्म कोड महारैली का आयोजन किया गया है. जबतक आदिवास‍ियों को सरना कोड नहीं मिलता, तबतक आंदोलन करते रहेंगे. पूरे देश में 15 करोड़ आदिवासी रहते हैं. महारैली में लगभग 10 हजार सरना धर्मावलंबी शामिल होंगे. अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष कुंदरसी मुंडा ने कहा कि सरना धर्म कोड 70 साल से मांगा जा रहा है. जनगणना कॉलम 7 में आदिवासी का अलग धर्म कोड था. इसे साजिश के तहत हटा दिया गया है. आदिवासी प्रकृति पूजक हैं. पारसनाथ पहाड़ आदिवासियों का है. इसे मरांगबुरू के नाम से जानते हैं. यहां हजारों वर्षों से आदिवासी पूजा करते आ रहे हैं. पर्वत में आद‍िवासी रूढ़ि‍वादी बलि प्रथा से पूजा करते आ रहे हैं. हम आदिवासी हैं, वनवासी नहीं हैं.आदिवासी अपने हक-अधिकार के लिए जाग चुके हैं. मौके पर गोयना कच्छप, सुनिता उरांव, रश्मि मिंज, राहुल उरांव, शिबू पाहन, चन्द्रदेव बालमुचू, बिगु उरांव, नंदु उरांव, मानु तिग्गा, रुपचंद उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : TPC">https://lagatar.in/police-encounter-with-tpc-regional-commander-assav-ganjhu-squad-militants-gathered-to-carry-out-major-incident/">TPC

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