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केचकी रेलवे स्टेशन में ट्रेन ठहराव की मांग तेज समेत लातेहार की तीन खबरें

Barwadih (Latehar) :  सीआईसी सेक्शन के बरकाखाना–बरवाडीह रेलखंड के केचकी रेलवे स्टेशन ट्रेनों के ठहराव की मांग जोर पकड़ रही है. लोगों का कहना है कि केचकी रेलवे स्टेशन में ट्रेनों का ठहराव होने से पर्यटकों को काफी सहुलियत होती है. यह स्टेशन मशहूर बेतला नेशनल पार्क, नेतरहाट, ततहा गर्म कुंड और मंडल डैम से सबसे नजदीक है. कोरोना काल से पूर्व इस स्टेशन पर शक्तिपुंज और पलामू एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव होता था. लेकिन कोरोना काल के बाद केचकी रेलवे स्टेशन पर इन ट्रेनों का ठहराव नहीं हो रहा है. इसकी वजह से स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों को काफी परेशानी हो रही है. एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से स्थानीय स्तर पर भी रोजगार सृजन शून्य हो गया है.

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने ट्रेनों के ठहराव को लेकर सौंपा था ज्ञापन

बता दें केचकी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर गत दिनों झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने एक दिवसीय धरना दिया था. मोर्चा ने स्टेशन मास्टर को हाजीपुर जोन के रेल महाप्रबंधक को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा था. धरना में मोर्चा के वीरेंद्र ठाकुर, मुरली प्रसाद चौरसिया, अली हसन अंसारी, जमीरूद्दीन अंसारी, डा मकबुल खां, सरफराज अंसारी, सहनवाज़ अंसारी, विजय कुमार सिंह, फौजदार सिंह, दीनानाथ तूरी, विक्टर केरकेट्टा व धुरबीगन सिंह समेत कई लोग मौजूद थे.

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औरंगा नदी घाट पर हुआ पत्रकार अजय सिन्हा का अंतिम संस्कार 

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alt="" width="217" height="260" />   Latehar : दिवगंत पत्रकार अजय कुमार सिन्हा का अंतिम संस्कार सोमवार को रेलवे स्टेशन रोड के औरंगा नदी मुक्तिधाम में किया गया. अजय कुमार सिन्हा के 12 वर्षीय बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार में भारी संख्या में पत्रकार और स्थानीय लोग मौजूद रहे. अजय सिन्हा के बेटे को फफक कर रोता देख बाकी लोगों की भी आंखें नम हो गयी. स्थानीय पत्रकारों ने दिवगंत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और इस विषम घड़ी में परिजनों के साथ खड़े होने की बात कही. पत्रकारों ने सामूहिक रूप से आर्थिक सहयोग भी किया.

रेलवे लाइन से मिला था शव

बता दें कि रविवार सुबह लातेहार व डेमू रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे लाइन से पत्रकार का शव बरामद हुआ था. पुलिस के अनुसार, अजय सिन्हा की मौत मालगाड़ी की चपेट में आने से हुई. घटना के बाद से पत्रकार अजय कुमार सिन्हा के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. दिवंगत सिन्हा अपने पीछे भरा पूरा परिवार पत्नी, एक पुत्र व एक पुत्री छोड़ गये. .......

डीएवी स्कूल में महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती मनायी गयी

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alt="" width="935" height="719" /> 18 फरवरी तक चलेगा साप्ताहिक कार्यक्रम वेदों की ओर लौटो यह स्वामी जी का प्रमुख नारा था: प्रार्चाया Latehar :  शहर के जलता में अविस्थत डीएवी पब्लिक स्कूल में सोमवार को स्वामी दयानंद सरस्वती की 200 वीं जयंती मनायी गयी. प्राचार्य घनश्याम कुमार सहाय ने महर्षि दयानंद की तस्वीर पर पुष्पांजलि और दीप जला कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद आधुनिक भारत के चिंतक व आर्य समाज के संस्थापक थे. हमें उनके कार्यों को सदैव अपने दिलों में रखना है. उन्होंने वेदों के प्रचार के लिए मुंबई में आर्यसमाज की स्थापना की गयी थी. वेदों की ओर लौटो यह स्वामी दयानंद जी का ही प्रमुख नारा था. उन्होंने कर्म सिद्धांत, पुनर्जन्म और सन्यास को अपने दर्शन का स्तंभ बनाया. उन्होंने ही सबसे पहले 1876 में स्वराज्य का नारा दिया. जिसे बाद में लोकमान्य बालगंगाधर तिलक ने आगे बढ़ाया. महर्षि दयानंद का समाज सुधार में व्यापक योगदान रहा. उन्होंने तत्कालीन समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीति, अंधविश्वास व अन्य रूढिवाद एवं पाखंडों का खंडन व विरोध किया.

वंदना सभागार में वैदिक हवन का भी किया गया आयोजन

स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर वंदना सभागार में वैदिक हवन का भी आयोजन किया गया. संगीत शिक्षक सूरज कुमार मिश्रा के सानिध्य में बच्चों ने यज्ञ की महिमा और दयानंद प्रशस्ति गाकर महर्षि दयानंद का स्मरण किया. मंच संचालन सुशील कुमार दुबे ने किया. शिक्षिका शकुंतला पाल ने बच्चोंको महर्षि दयानंद की जीवनी से अवगत कराया और उसका अनुशरण करने की बात कही. महर्षि दयानंद की 200 वीं जयंती के अवसर पर डीएवी, लातेहार परिवार आगामी 18 फरवरी तक साप्ताहिक कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्णय लिया गया. [wpse_comments_template]  

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