बिक्री माल को राजस्व माना जाए, न कि दुकानों में जमा माल को
संघ का कहना है कि माल के उठाओ के ऊपर राजस्व दिखाया जा रहा है, यह कहीं से भी उचित नहीं है. सेल कितना होता है, यह मायने रखता है. माल उठाकर दुकानों के गोदाम में भर दिया जाएगा और फिर दो महीने बाद माल हर दुकान में जाम मिलेगा तो यह तो बहुत बड़ा नुकसान ही है. पहले विशुद्ध रूप से माल का उठाओ हो जाने के बाद लाइसेंसी दुकान की ही जवाबदेही रहती थी और सरकार को राजस्व अग्रिम आ जाता था. अब अगर गोदामों में माल जमा रहेगा तो 31 मार्च को इसकी लाइबलिटी जेएसबीसीएल की हो जायेगी. अभी राजस्व का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है. प्रति दिन करीब 15 करोड़ का सेल होगा, तब राजस्व का लक्ष्य प्राप्त हो पाएगा. वर्तमान में प्रतिदिन का राज्यभर का सेल मात्र 7.8 करोड़ ही है. ऐसे में लक्ष्य की प्राप्ति कैसे होगी. संघ ने सरकार से 23/24 के लिए अच्छी उत्पाद नीति लाने की मांग की है. इसे भी पढ़ें : एक-दूजे">https://lagatar.in/kl-rahul-and-athiya-became-each-other-fans-liked-sunil-shettys-traditional-look/">एक-दूजेके हो गए केएल राहुल और अथिया, फैंस को खूब भाया Sunil Shetty का Traditional Look, देखें तस्वीरें… [wpse_comments_template]

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