पेसा कानून लागू होने से पंचायतें होंगी आत्मनिर्भर
वक्ताओं ने कहा कि पेसा कानून लागू होने से पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी. ग्रामसभा के सचिव का चयन भी ग्रामसभा की अनुशंसा से होगा. बालू पर गांव का नियंत्रण होगा. इसकी लूट रूकेगी. साथ ही सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी. पारंपरिक न्याय व्यवस्था प्रभावी होगी. कोर्ट और थाना से भार भी कम होगा.देश के 10 आदिवासी बहुल राज्यों में लागू है पेसा एक्ट
देश के 10 आदिवासी बहुल राज्यों में पेसा एक्ट लागू है. यह कानून 1996 में बना था. कानून बने 28 साल हो गए, पर झारखंड में इसे अब तक लागू नहीं किया जा सका है. इस कानून के लागू होने से बेरोजगारी, पलायन जैसी समस्याओं पर अंकुश लगता. राज्य के संसाधनों को भी बचाया जा सकता. कार्यक्रम में पंचायती राज निदेशक निशा उरांव, महादेव मुंडा, पंचानन सोरेन, विजय कुजूर, टाना भगत समाज के प्रतिनिधि सहित मध्य प्रदेश, आंध्रप्रदेश से प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विवेक भारद्वाज ने की. मौके पर पेसा गीत को भी लांच किया गया. इसे भी पढ़ें – दिल्ली">https://lagatar.in/delhi-police-arrested-11-people-who-made-fake-ids-and-documents-of-bangladeshi-intruders/">दिल्लीपुलिस ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के फेक ID और डॉक्यूमेंट्स बनाने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया
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