NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट में आज शुक्रवार को मुसलमानों की बहुविवाह प्रथा पर पूरी तरह रोक लगाने की गुहार लगाने वाली याचिका पर सुनवाई हुई. महिला अधिकार कार्यकर्ता जकिया सोमन सहित अन्य ने याचिका दायर की है.
जानकारी के अनुसार याचिका में मुसलमानों की सभी शादियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किये जाने, प्रभावित महिलाओं के लिए गुजारा-भत्ता, विरासत और आवास के अधिकारों की गारंटी की मांग की गयी है. इसके अलावा बहुविवाह को असंवैधानिक घोषित करने, मुस्लिम पर्सनल लॉ में सुधार की मांग भी की गयी है.
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को याद दिलाया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 82 द्विविवाह के लिए सजा का प्रावधान करती है. इस कानून को देश के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू किया जाये. किसी को भी धार्मिक आधार पर छूट नहीं दी जाये.
मुस्लिम विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण, दूसरी शादी की स्थिति में पहली पत्नी और बच्चों को तत्काल कानूनी संरक्षण की मांग की गयी है, खबर है कि CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता जकिया सोमन सहित अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए बिना कोई टिप्पणी किये केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
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