Pancham Prasad
Simdega/Ranchi News: कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पूर्व व्यवस्था के तहत कार्यरत मेकर (Accountant) एवं चेकर (Warden) को यथावत रखने की मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के सचिव उमाशंकर सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने वित्तीय संचालन में आ रही समस्याओं और अपनी मांगों से उन्हें अवगत कराया.
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प्रतिनिधिमंडल ने इसके बाद मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालयों में पूर्व से मेकर एवं चेकर के माध्यम से वित्तीय कार्यों का संचालन किया जाता रहा है. नई व्यवस्था में इनके दायित्वों में बदलाव किए जाने से विद्यालयों के वित्तीय कार्य प्रभावित होने की आशंका है.
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि 19 अगस्त 2026 को जारी आदेश पर पुनर्विचार करते हुए पूर्व व्यवस्था को बहाल किया जाए तथा विद्यालयों में कार्यरत अकाउंटेंट और वार्डन को पूर्व की तरह वित्तीय कार्यों के निष्पादन की जिम्मेदारी दी जाए.
मांग पत्र लेने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि “आपके प्रस्ताव पर हर संभव कार्रवाई की जाएगी. इस मौके पर कस्तूरबा गांधी कर्मी संघ के अध्यक्ष रोहिणी प्रसाद, रश्मि कुमारी, बागेश्वरी कुमारी, अन्नू तिवारी, सौरभ सिन्हा सहित कर्मी संघ के कई सदस्य एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे.
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी. प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पूर्व व्यवस्था बहाल होने से कस्तूरबा विद्यालयों का वित्तीय संचालन सुचारू रूप से जारी रह सकेगा.
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