Ranchi: झारखंड दिव्यांग आंदोलन संघ के बैनर तले सैकड़ों दिव्यांग जनों ने अपनी मांगों को लेकर राजभवन से अल्बर्ट एक्का चौक तक पैदल मार्च किया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर 5000 रूपये प्रतिमाह करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्तमान में दिव्यांग पेंशन मात्र 1000 रुपया है. जबकि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये दिए जा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दिव्यांगों की उपेक्षा कर रही है. वर्ष 2022 में भी विधानसभा घेराव किया गया था, जिसमें पेंशन बढ़ाने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसमें कोई वृद्धि नहीं हुई है. इसे भी पढ़ें - सुप्रीम">https://lagatar.in/notice-to-chief-secretary-and-other-respondents-in-dgp-appointment-case/">सुप्रीम
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ये हैं दिव्यांग जनों की प्रमुख मांगें
- दिव्यांग अधिकार अधिनियम के तहत सभी सरकारी और निजी कंपनियों में दिव्यांगों के लिए रोजगार सुनिश्चित किया जाए.
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले दिव्यांगों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दी जाए.
- दिल्ली और आंध्रप्रदेश की तर्ज पर झारखंड में भी सभी दिव्यांगों को 5000 मासिक पेंशन दी जाए.
- सरकारी विभागों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रैंप और व्हीलचेयर की सुविधा अनिवार्य की जाए.
- सरकारी और आउटसोर्सिंग कंपनियों में दिव्यांगों के लिए 4% आरक्षण सुनिश्चित किया जाए.
- संघ के नेता ओम प्रकाश ने कहा कि हमारी मांगें जायज हैं और जब तक सरकार दिव्यांग पेंशन नहीं बढ़ाती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा.
- प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में दिव्यांगजन शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने अधिकारों की मांग की.
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