- झारखंड सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
इनकी चार सूत्री मांगें
- -सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और भारत सरकार की ओर से भेजे गए पत्र के आलोक के अनुसार राज्य के होमगार्ड जवानों को पुलिसकर्मियों की तरह वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएं. समान काम के बदले समान वेतन दिया जाए.
- स्वयंसेवी एक्ट में संशोधन करते हुए होमगार्ड जवानों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए या राज्य के सभी होमगार्ड जवानों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए.
- पड़ोसी राज्य बिहार की तरह झारखंड के होमगार्ड जवानों को भी कर्मचारी भविष्य निधि का लाभ दिया जाए.
- बिहार सरकार होमगार्ड के जवानों की 60 वर्ष की आयु सीमा समाप्त होने पर एकमुश्त डेढ़ लाख रुपये का भुगतान करती है, उसी प्रकार झारखंड के होमगार्ड जवानों को भी 60 साल की आयु पूरी होने पर एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाए.
: उत्तरपुस्तिकाओं की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया 16 मई से [wpse_comments_template]

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