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डेंगू अलर्ट : मच्छर जनित बीमारियों की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग चलायेगा सर्च अभियान, घर-घर जाकर किया जाएगा सर्वे

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  • पूर्वी सिंहभूम में जुलाई महीने में डेंगू का पॉजिटिविटि दर 17% 
  • डेंगू, चिकनगुनिया के संभावित रोगियों की रूटीन ब्लड जांच की व्यवस्था सभी सीएचसी में करने का निर्देश
Ranchi : डेंगू के बढ़ते मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने सभी जिले के उपायुक्त को निर्देश दिया है कि जिस क्षेत्र से वैक्टर जनित रोग की सूचना प्राप्त हो, उसे क्षेत्र में निगरानी टीम को भेज कर एक्टिव सर्च कराएं. साथ ही घर-घर जाकर फीवर सर्वे का भी काम सुनिश्चित करें. गौरतलब है कि राज्य भर में 1 जुलाई से 8 सितंबर तक डेंगू के 5550 संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं. जांच में 784 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है. पूर्वी सिंहभूम में डेंगू के 257 एक्टिव मरीज हैं. इनका इलाज टीएमएच, एमजीएम, टाटा मोटर्स, सदर अस्पताल और मर्सी हॉस्पिटल में चल रहा है. जबकि रिम्स में डेंगू से पीड़ित 19 मरीज का इलाज चल रहा है. पूर्वी सिंहभूम जिले में जुलाई में 62, अगस्त में 310 एवं सितंबर में 183 डेंगू के केस सामने आए हैं. कुल 555 डेंगू के मरीज मिले हैं. अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा कि रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किट एनएस 1 कार्ड द्वारा डेंगू के क्लीनिकल मैनेजमेंट में उपयोग उचित नहीं है. इस जांच से संदिग्ध मरीज की पहचान होती है. जिन्हें एलाइजा टेस्ट के द्वारा कंफर्म किया जाना महत्वपूर्ण है. वहीं सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए 20 से 30 बेड का डेंगू वार्ड/आइसोलेशन रूम चिन्हित करने के निर्देश के साथ ही सभी दवा की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है.

यह है डेंगू का पॉजिटिविटी दर

12 से 18 अगस्त तक पूर्वी सिंहभूम में डेंगू का पॉजिटिविटी दर 18% था. इस बीच 102 मरीज मिले थे. वहीं 19 से 25 अगस्त के बीच पॉजिटिविटी दर 9% था. इस बीच 58 मरीज मिले थे. जबकि 26 अगस्त से 1 सितंबर तक 111 डेंगू के मरीज मिले और इस वक्त पॉजिटिविटी दर 15% था. वहीं 2 से 8 सितंबर के बीच 71 डेंगू के मरीज मिले और पॉजिटिविटी दर 10% रहा.

कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का निर्देश

इस बीच लार्वा नाशी के काम में लगे नगर निगम व नगर पालिका के लोगों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया है. साथ ही अस्पतालों के चिकित्सक और पारा मेडिकल कर्मियों को डेंगू की जांच और बचाव से संबंधित प्रशिक्षण देने का निर्देश अपर मुख्य सचिव ने दिया है. बता दें कि राज्य के तीन चिकित्सा महाविद्यालय (रिम्स, रांची, एसएनएमएमसीएच धनबाद और एमजीएम जमशेदपुर), सदर अस्पताल रांची, जमशेदपुर, चाईबासा, साहिबगंज, हजारीबाग, पलामू, दुमका, गोड्डा, सिमडेगा को सेंटिनल सर्विलांस अस्पताल के रूप में चिन्हित किया गया है. जहां डेंगू-चिकनगुनिया से पीड़ित रोगियों की मुफ्त जांच और इलाज की व्यवस्था है. इसे भी पढ़ें – चेंबर">https://lagatar.in/chamber-elections-kishore-minister-filed-nomination-with-24-candidates/">चेंबर

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