ऐसा ज्योर्तिलिंग जहां चढ़ेगा सिंदूर
Deoghar : महाशिवरात्रि रविवार को मनाई जाएगी. बाबा नगरी देवघर में महाशिवरात्रि भव्य तरीके से मनाई जाएगी. इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है. इस दिन भोलेनाथ दूल्हा बनेंगे. जब दूल्हा बनेंगे तो सेहरा भी बंधेगा. सेहरा जिसे मोर मुकुट भी कहते हैं. परंपरा के अनुसार, यह सेहरा देवघर का रोहिणी एस्टेट बनाता है. इस बार भी महादेव का खास मोर मुकुट रोहिणी एस्टेट बनवा रहा है.
रोहिणी देवघर जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है. पहले यह क्षेत्र जिले का मुख्य बाजार हुआ करता था. लेकिन समय के साथ आबादी बढ़ती गई और अब मुख्य बाजार बाबा मंदिर के इर्दगिर्द हो गया. अंग्रेजों के जमाने से रोहिणी एस्टेट रहा है. उसी समय यह परंपरा चालू हुई कि महाशिवरात्रि के अवसर पर देवघर स्थित पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ पर पहला मोर मुकुट रोहिणी एस्टेट की ओर से चढ़ाया जाएगा. आज भी यह परंपरा चली आ रही है. बैद्यनाथ धाम पूरे देस में एकमात्र ऐसा ज्योर्तिलिंग है, जहां बाबा को सिंदूर चढ़ाया जाता है.
महाशिवरात्रि के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा मंदिर पहुंचते हैं और बाबा पर मोर मुकुट चढ़ाते हैं. यही वजह है कि रोहणी के विभिन्न स्थानों पर कारीगर बड़े पैमाने पर मोर मुकुट बनाते हैं.कारीगरों की मानें, तो साल की शुरुआत में ही वे मोर मुकुट बनाना शुरू कर देते हैं और इससे उनकी अच्छी खासी कमाई हो जाती है.
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