Jitan Kumar Deoghar : सदर अस्पताल देवघर दर्शन बड़े और काम छोटे वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है. अस्पताल में अव्यवस्था का आलम है. अस्पताल की बिल्डिंग जरूर बड़ी है, लेकिन काम और गुणवत्ता के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है. अस्पताल के प्रसूति वार्ड में भर्ती मरीज के परिजनों का आरोप है कि यहां की नर्स रुपए की मांग करती है. विवश होकर परिजनों को रुपए देने पड़ते हैं. इसके अलावा अस्पताल में अन्य तरह की भी समस्याएं हैं. अस्पताल के प्रसूति वार्ड में ही बिहार के चकाई की एक मरीज भर्ती होने आई. मरीज को चार यूनिट ब्लड की आवश्यकता है. मरीज की मां सिर्फ एक यूनिट ब्लड की ही व्यवस्था कर सकी. तीन यूनिट ब्लड की व्यवस्था नहीं कर पाई. मरीज का क्या होगा, भगवान मालिक? वार्ड में मरीजों के साथ उनके अटेंडेंस भी होते हैं. अटेंडेस को बैठने और सोने में तकलीफ उठानी पड़ती है. परिजन अस्पताल की फर्श पर ही सो जाते हैं. अस्पताल परिसर में कूड़ेदान के बाहर गंदगी का अंबार लगा हुआ है. गंदगी से बदबू निकल रहा है. अस्पताल आने वाले मरीजों और अभिभावकों को बदबू लगती है. स्वास्थ्य के ख्याल से गंदगी जमा रहना ठीक नहीं है.
शिकायतों पर अमल होगा
सिविल सर्जन डॉ. जुगल प्रसाद चौधरी ने बताया कि शिकायतों पर अमल किया जाएगा. मरीजों के परिजनों से नर्स द्वारा रुपए वसूलने की बात सही साबित होने पर दोषी नर्स के खिलाफ कार्रवाई होगी.
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