Deoghar/ Dumka : त्रिकुट पर्वत पर रोपवे में फंसे लोगों को बचा कर निकालने में एयरफोर्स व एनडीआरएफ की टीम जी जान से जुटी हुई है. अब तक टीम 22 फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल चुकी है. उनमें दुमका आसनसोल हवाई अड्डा की रहने वाली सुशीला देवी भी शामिल है. वह अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ रविवार को त्रिकूट पहाड़ घूमने आई थी और हादसे की शिकार हो गई. घटना के 20 घंटे के बाद वह परिवार से सकुशल जा मिली. इधर राहत एवं बचाव कार्य जोर शोर से जारी है. [caption id="attachment_287364" align="aligncenter" width="300"]
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alt="" width="300" height="139" /> अपने परिवार के साथ दुमका की सुशीला[/caption] इंडियन एयर फोर्स हेलीकॉप्टर के जरिये रेस्क्यू के काम में जुटी है. परंतु तार की वजह से थोड़ी परेशानी भी हो रही है. हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे एयरफोर्स के जवान केबिन तक पहुंचने की मशक्कत कर रहे हैं. गहराई ज्यादा होने की वजह से उन्हें केबिन तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है. फंसे 48 लोगों में 22 को बचाया जा चुका है, जबकि 26 लोग अब भी फंसे हुए हैं. अंधेरा होने के बाद रेस्क्यू कार्य भी थोड़ा धीमा हो सकता है. ज्ञातव्य है कि रविवार 10 अप्रैल को त्रिकुटी पहाड़ पर रोपवे का तार टूटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि नौ लोग घायल हो गए थे. इसके अलावा रोपवे की ट्राली में 48 लोग फंस गए. बचाव कार्य में एयर फोर्स और एनडीआरएफ की टीम लगी हुई है. टीम 22 लोगों को सुरक्षित निकालने में कामयाब रही है, जबकि 26 लोग अब भी फंसे हुए हैं. यह भी पढ़ें : देवघर">https://lagatar.in/deoghar-trikoot-ropeway-accident-army-team-could-not-rescue-stranded-tourists-returned/">देवघर
त्रिकूट रोपवे हादसा : फंसे पर्यटकों को नहीं निकाल सकी सेना की टीम, वापस लौटी [wpse_comments_template]
alt="" width="300" height="139" /> अपने परिवार के साथ दुमका की सुशीला[/caption] इंडियन एयर फोर्स हेलीकॉप्टर के जरिये रेस्क्यू के काम में जुटी है. परंतु तार की वजह से थोड़ी परेशानी भी हो रही है. हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे एयरफोर्स के जवान केबिन तक पहुंचने की मशक्कत कर रहे हैं. गहराई ज्यादा होने की वजह से उन्हें केबिन तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है. फंसे 48 लोगों में 22 को बचाया जा चुका है, जबकि 26 लोग अब भी फंसे हुए हैं. अंधेरा होने के बाद रेस्क्यू कार्य भी थोड़ा धीमा हो सकता है. ज्ञातव्य है कि रविवार 10 अप्रैल को त्रिकुटी पहाड़ पर रोपवे का तार टूटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि नौ लोग घायल हो गए थे. इसके अलावा रोपवे की ट्राली में 48 लोग फंस गए. बचाव कार्य में एयर फोर्स और एनडीआरएफ की टीम लगी हुई है. टीम 22 लोगों को सुरक्षित निकालने में कामयाब रही है, जबकि 26 लोग अब भी फंसे हुए हैं. यह भी पढ़ें : देवघर">https://lagatar.in/deoghar-trikoot-ropeway-accident-army-team-could-not-rescue-stranded-tourists-returned/">देवघर
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