Deoghar : विकास भवन में 5 जनवरी को हुई 20 सूत्री समिति की बैठक में राज्य सरकार के मंत्री परिवहन एवं आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन और कृषि मंत्री बादल पत्रलेख शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता चंपई सोरेन ने की. पूर्व मंत्री सह सारठ विधायक रणधीर सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना में विभागीय अधिकारी की मिली भगत से 10 करोड़ रुपए फर्जी निकासी का आरोप लगाया. उन्होंने इसकी जांच करने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यपालक अभियंता पर अपने चहेते संवेदक को काम देने का आरोप लगाया. स्थानीय विधायक नारायण दास ने भी विभागीय अधिकारियों के कार्यशैली पर नाराजगी जताई. नारायण दास और रणधीर सिंह ने बालू घाट नीलामी के मुद्दे पर सवाल उठाए. बालू लदे वाहनों को पुलिस द्वारा जबरन पकड़े जाने का भी आरोप लगाया. बैठक में 20 सूत्री के जिला उपाध्यक्ष मुन्नम संजय ने पुराना सदर अस्पताल के खाली पड़े जगहों का इस्तेमाल करने की बात कही. चंपई सोरेन ने कहा कि विकास योजनाओं पर चर्चा की गई है. कार्यों का जल्द निष्पादन किया जाएगा. योजनाओं में गड़बड़ी का जो भी आरोप है उसे जांच करने का निर्देश संबंधित अधिकारी को दिया गया है. बैठक में सदस्यों के आरोपों का बचाव करते कृषि मंत्री बादल पत्रलेख दिखे. बैठक में डीसी, एसपी समेत सभी 20 सूत्री सदस्य मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=518087&action=edit">यह
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देवघर : बीस सूत्री समिति की बैठक में करोड़ों की फर्जी निकासी व चहेते संवेदक को ठेका देने का आरोप

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