Deoghar : स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर संशोधित कोर्ट फीस विधेयक के विरोध में देवघर के वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया. वकील विधेयक को वापस लेने की मांग झारखंड सरकार से कर रहे हैं. वकीलों ने कार्य बहिष्कार वकील असफाक अंसारी के नेतृत्व में किया. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार विधेयक वापस नहीं लेगी तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा. वकील हेमचंद्र झा ने कहा कि सरकार विधेयक वापस ले. विधेयक लाकर कोर्ट फीस में वृद्धि की गई है, जिससे गरीबों पर असर पड़ेगा. वकील फाल्गुनी मरीक कुशवाहा ने कहा कि न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर वकीलों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग कर रहे हैं. अधिवक्ता कल्याण बजट का प्रावधान नहीं है, इस पर भी सरकार विचार करे. अधिवक्ता कल्याण कोष का निर्माण किया जाए, जिससे वकीलों की हालत में सुधार हो. वकील वीरेश वर्मा ने कहा कि विधेयक लाकर कोर्ट फीस बढ़ा दी गई है. इससे गरीब मुवक्किल पर असर पड़ेगा. अन्य राज्यों में कोर्ट फीस कम रखा गया है, झारखंड में बेतहाशा वृद्धि की गई है. देवघर कोर्ट अधिकांश मुवक्किल ग्रामीण इलाके से आते हैं. फीस में वृद्धि होने से उन लोगों की परेशानी बढ़ेगी. जिला बार एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी के कृष्णधन खवाड़े ने कहा कि स्टेट बार काउंसिल की मांग पर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो. वकीलों के लिए जन कल्याणकारी योजनाएं बनाई जाए. आए दिन कोर्ट परिसर में असामाजिक तत्वों द्वारा गोलीबारी की जाती है. जिससे वकील डरे हुए हैं. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=518087&action=edit">यह
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देवघर : संशोधित कोर्ट फीस विधेयक के विरोध में वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया

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