alt="" width="300" height="179" /> विशेष कांवड़ के साथ जलार्पण के लिए पहुंचे मिथिलांचल के श्रद्धालु[/caption] पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग के साथ यहां एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ होने के कारण नवरात्र के अवसर पर भी हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु यहां बाबा का जलाभिषेक करने आते है. आदि शक्ति माता सती का हृदय यहां गिरने से देश के 52 शक्तिपीठों में एक शक्तिपीठ के रुप में भी इस पवित्र स्थल की मान्यता है. जानकारों के अनुसार जिस जगह पर माता सती का हृदय गिरा था, उसी जगह पर पवित्र ज्योतिर्लिंग भी स्थापित है. मान्यता है कि नवरात्र के अवसर पर बाबा के जलाभिषेक से शिव और शक्ति दोनों की एक साथ पूजा-अर्चना का फल प्राप्त होता है. सीता माता की धरती मिथिलांचल होने के कारण मिथिलांचल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करने बाबा धाम पहुंचते हैं. यह">https://lagatar.in/deoghar-mp-gave-financial-assistance-to-shopkeepers-in-trikoot/">यह
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