शीघ्र दर्शनम शुल्क वर्ष 2010 से लागू
बाबा भोलेनाथ का दर्शन करने के लिए शीघ्र दर्शनम शुल्क जिला प्रशासन ने वर्ष 2010 में लागू किया. सामान्य दिनों में 250 रुपए और विशेष दिनों में 500 रुपए शुल्क श्रद्धालुओं से लिए जाते हैं. काउंटर पर शुल्क जमा करने पर कूपन दी जाती है. श्रद्धालु कूपन लेकर बाबा मंदिर में प्रवेश करते हैं. बिना कूपन लिए श्रद्धालु सामान्य कतार में लगकर बाबा पर जलार्पण करते हैं. डीसी ने यह शुल्क 500 रुपए से बढ़ाकर एक हजार रुपए कर दिया. बढ़ोत्तरी शुल्क 31 मई से लागू किया जाता. इस बाबत दो दिन पहले डीसी ने मंदिर का मुआयना भी किया था. सावन महीने में प्रत्येक साल एक महीने तक लाखों कावंड़ियां बाबा भोलेनाथ पर जलाभिषेक करते हैं. वर्ष 2023 में मलमास के कारण सावन दो महीने का है. अगले माह 4 जुलाई से 31 अगस्त तक यहां कावंड़ियों का सैलाब उमड़ने की उम्मीद है. भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से कावंड़िये गंगाजल भर पैदल सौ किलोमीटर की यात्रा कर बाबाधाम आकर जलाभिषेक करते हैं. बाबाधाम के पंडों का आरोप है कि सावन माह को देखते हुए डीसी ने 31 मई से शुल्क बढ़ोत्तरी लागू करने की कोशिश की थी. हालांकि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए कोई खास सुविधा नहीं है. सामाजिक कार्यकर्ता संजय भारद्वाज के अनुसार मंदिर में कम जगह के कारण थके-हारे श्रद्धालुओं को पुलिस की बेंत भी खानी पड़ती है. इस तीर्थ क्षेत्र में पुलिस की ज्यादती चरम पर है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=646908&action=edit">यहभी पढ़ें : देवघर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बाबा मंदिर में की पूजा अर्चना, एयरपोर्ट पर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने की आगवानी [wpse_comments_template]
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