घायलों को 4 किमी दूर अस्पताल ले गया
मूल रूप से देवघर के बांसडीह गांव के रहने वाले पन्नालाल रोप-वे के मेंटेनेंस कर्मचारी हैं. हादसे के बाद समय गंवाए बिना उन्होंने ट्रॉली में फंसे कई लोगों को निकाला और त्रिकूट से करीब चार किलोमीटर दूर एयर बेस तक लाकर हॉस्पिटल पहुंचाया. पन्नालाल ने कुछ स्थानीय लोगों की भी मदद ली और हादसे के शिकार लोगों को अपने कंधे पर उठाया और पथरीले रास्ते से होते हुए जंगल पार कर एयरबेस तक लाया और वहां से हॉस्पिटल पहुंचाया. वह बताते हैं कि उन पर सिर्फ एक ही धुन सवार था, किसी तरह इनलोगों को बचाना है. अगर जरा सी भी देरी होती तो उनमें से किसी की जान भी जा सकती थी.देवघर के डीसी व एसपी ने दिया चेक
ट्रॉली में फंसे पर्यटकों को बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले रोप-वे कर्मी पन्नालाल को राज्य सरकार ने 1 लाख रुपए के इनाम से सम्मानित किया है. देवघर कलेक्ट्रेट में बुधवार को आयोजित समारोह में देवघर के डीसी व एसपी ने पन्नालाल को एक लाख रुपए का चेक सौंपा. खुद सीएम हेमंत सोरेने ने पन्नालाल के जज्बे की सराहना की है. उन्होंने कहा कहा कि पन्नालाल को सम्मानित कराने के लिए वह केंद्र सरकार से भी आग्रह करेंगे.45 घंटे हवा में अटकी रहीं दर्जनों जिंदगियां
पिछले रविवार को शाम 4 बजे त्रिकूट पर्वत पर रोप-वे की ट्रॉलियां आपस में टकरा गई थीं. इसमें 6 से 7 ट्रॉलियां हवा में अटक गईं, जिनपर करीब 50 लोग सवार थे. 45 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन इनमें से 46 को बचा लिया गया. हवा में फंसे लोगों ने बताया कि कैसे उन्होंने एक-एक पल काटा. उस क्षण को याद कर उनके रोंगटे अब भी खड़े हो जाते हैं. ">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=287884&action=edit">यह भी पढ़ें : देवघर रोप-वे हादसा : एयरलिफ्टिंग के दौरान टूटी रस्सी, डेढ़ हजार फीट नीचे गिरी महिला, मौत [wpse_comments_template]

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