पीजी छात्र शशिकांत सोरेन
[caption id="attachment_400366" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="225" /> शशिकांत सोरेन[/caption] पीजी के छात्र शशिकांत सोरेन का कहना है कि हेमंत सोरेन सरकार को बदनाम करने के लिए विपक्षी नेताओं की यह चाल है. पत्थर खदान लीज मामले की पुन: जांच होनी चाहिए. पुख्ता सबूत मिले तो सीएम हेमंत सोरेन पर कार्रवाई हो अन्यथा नहीं. झारखंड में गंदी राजनीति किसी से छुपी नहीं है. यह साजिश गंदी राजनीति का ही हिस्सा है.
पीजी सेमेस्टर चार के छात्र मंटू हेंब्रम
[caption id="attachment_400367" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="225" /> मंटू हेंब्रम[/caption] कल्याण छात्रावास में ही पीजी सेमेस्टर चार के छात्र मंटू हेंब्रम का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई हो. सीएम हेमंत सोरेन को बदनाम करने के लिए झारखंड में गंदी राजनीति विपक्षी नेता कर रहे हैं. सरकार को अस्थिर करने से विकास कार्य प्रभावित होगा. हेमंत सोरेन आदिवासियों समेत सभी जाति और वर्गों का ख्याल रख रहे हैं. मरांग गोंके स्कीम के तहत आदिवासी छात्रों को स्कॉलरशिप मिल रही है. आर्थिक रूप से पिछड़े आदिवासी छात्र-छात्राओं को विदेशों में पढ़ाई की व्यवस्था हेमंत सोरेन ने की है.
पीजी सेमेस्टर एक के छात्र अजय कोल
[caption id="attachment_400370" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="168" /> अजय कोल[/caption] कल्याण छात्रावास में पीजी सेमेस्टर एक के छात्र अजय कोल का कहना है कि पत्थर खदान लीज मामले में विपक्षी नेता सीएम हेमंत सोरेन को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. हेमंत सोरेन आदिवासी नेता हैं. यह विपक्ष को बर्दाश्त नहीं. हेमंत सोरेन सभी वर्गों और जाति के विकास के लिए प्रयत्नशील हैं. मामले की दुबारा जांच होनी चाहिए. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=396763&action=edit">यह
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