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देवघर : एसपी माइंस चितरा में ट्रक ऑनर व डीओ होल्डरों का हो रहा शोषण

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चितरा ट्रक ऑनर एसोसिएशन व डीओ होल्डरों ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

Deoghar : चितरा ट्रक ऑनर एसोसिएशन व डीओ होल्डरों ने 24 सितंबर को ईसीएल के वरीय प्रबंधक व प्रशासनिक पदाधिकारियों को आवेदन देकर कोयला लोड कराने में शोषण बंद कराने की मांग की है. एसोसिएशन ने आवेदन में आरोप लगाया है कि प्रति ट्रक कोयला लोड कराने के नाम पर 50 हजार रुपये का नाजायज भुगतान करना पड़ रहा है, जबकि इस राशि में लोड़िंग मजदूरों को महज 4 हजार रुपये ही मिल पाता है. बची हुई राशि का बंदरबाट हो जाता है. इस नाजायज वसूली में प्रबंधन के कर्मी भी शामिल हैं.

डीओ लगाने के बाद समय पर नहीं मिलता है कोयला

डीओ होल्डर एसोसिएशन ने प्रबंधन के सेल्स विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोयला का फर्जी भंडारण दिखाकर हर माह हजारों टन कोयले का डीओ आफर दिया जाता है लेकिन जब डीओ होल्डर इसीएल प्रबंधन को लाखो रुपये रुपये भुगतान कर कोयला लेने जाते हैं तो आपूर्ति नहीं की जाती है. इतना ही नहीं डीओ पास कराने के नाम पर भी 3 रुपये प्रति टन की जगह 7 रुपये की अवैध वसूली की जाती है. पैसा नहीं देने पर माइनिंग अप्लाई नहीं दी जाती है. दोनों संघों ने संयुक्त रुप से प्रबंधन से मांग की है कि अगर कोयला लोडिंग दर कम नहीं की गई तो 28 सितबर को ट्रक ऑनर एसोसिएशन व डीओ होल्डर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे कर सीबीआई व सतर्कता विभाग से जांच की मांग की करेंगे. ज्ञापन सौंपने में सत्यनारायण राय, पप्पू भोक्ता, अमित शर्मा, पप्पू सिंह, भीम भोक्ता, बबलू सिंह ,सुरेश सिंह, नरेश सिंह, विजय शर्मा, पंकज भोक्ता, सतीश सिंह,अंकित सिंह, प्रदीप सिंह ,शैलेश कुमार सिंह, संजय मिश्रा, दिनेश सिंह, राजकिशोर चौधरी, संजय भोक्ता, सीताराम पांडे आदि शामिल थे. यह">https://lagatar.in/giridih-rice-missing-from-the-plates-of-green-card-holders-in-jharkhand/">यह

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