Deoghar : देवघर शहर के लोग पेयजल की घोर समस्या से जूझ रहे हैं. डढ़वा नदी सूख गई है, जबकि भूगर्भीय जलस्तर दिन प्रतिदिन नीचे जा रहा है. देवघर में सूर्यदेव के तेज का असर पेयजल की समस्या को और बिकराल बना दिया है. मालूम हो कि देवघर का वाटर लाइफ लाइन कही जाने वाली डढ़वा नदी यहां की पेयजलापूर्ति का मुख्य श्रोत है. लेकिन इस वर्ष यह नदी पूरी तरह से सूख गई है. इसी डढ़वा नदी से नगर निगम शहरी क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति करता है. ऐसे में इसका असर शहर की जलापूर्ति पर पड़ा है. कई इलाकों में निगम टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति कर लोगों की जान बचा रहा है.
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निगम को अब पुनासी जलाशय का इंतजार
देवघर में जलापूर्ति के लिए नगर विकास विभाग ने 287 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना स्वीकृत की है. योजना के तहत पुनासी डैम से पाइपलाइन के जरिये पानी लाकर शहर के 50 हज़ार से अधिक घरों तक पहुंचाया जाएगा. एक निजी कंपनी को इस काम का जिम्मा सौंपा गया है. इसका काम तेजी से जारी है. योजना है कि पुनासी डैम से पाइप से पानी लाकर अंधरीगादर में लगे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाएगा और यहां से लोगों के घरों तक पहुंचाया जाएगा. देवघर नगर निगम के प्रशासक शैलेंद्र कुमार लाल ने बताया कि निगम क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का काम तेज़ी से जारी है. 36 वार्ड में से कई वार्ड में पाइप लाइन बिछ चुका है, अब कनेक्शन देना बाकी है. बाकी वार्डो में भी जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा. उम्मीद है कि अगले साल से इस योजना का लाभ लोगों को मिलने लगेगा. नगर आयुक्त ने बताया कि शहरी क्षेत्र में आगामी 2050 तक की जलापूर्ति की आवश्यकता को देखते हुए यह योजना बनाई गई है. जब तक यह योजना चालू नहीं हो जाती तब तक पानी की समस्या बरकरार रहेगी. कहा कि पिछले वर्ष कम बारिश से इस वर्ष यह समस्या और भी विकराल हो गई है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=662754&action=edit">यहभी पढ़ें : देवघर : श्रावणी मेले की तैयारी में जुटा प्रशासन, डीसी ने किया निरीक्षण [wpse_comments_template]
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