Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

टेंडर घोटाले में सिविल सर्जन पर विभागीय कार्यवाही और सामंता का वर्क ऑर्डर रद्द करने का आदेश

गुमला सिविल सर्जन डॉक्टर नवल कुमार ने मनपसंद कंपनी को काम देने के लिए वित्तीय बिड के आंकड़ों में हेराफेरी करवाया. सिविल सर्जन के मौखिक निर्देश पर दोबारा गणना की गयी और हेराफेरी कर सभी के दर को 3556.29 कर दिया गया. इससे चारों बिडर एल-वन श्रेणी के हो गये. इसके बाद लंबे अनुभव और टर्नओवर के आधार पर सामंता को एल-वन घोषित कर वर्क ऑर्डर दे दिया.
Advertisement
Advertisement

Ranchi: झारखंड सरकार ने गुमला पारा मेडिकल स्टॉफ टेंडर घोटाले में सिविल सर्जन पर विभागीय कार्यवाही करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही सामंता कंपनी को दिये गए वर्क ऑर्डर को रद्द करने का आदेश दिया है. इसके अलावा मामले में संलिप्त कर्मचारियों का सिविल सर्जन कार्यालय से तबादला कर दिया गया है.


उल्लेखनीय है कि गुमला सिविल सर्जन डॉक्टर नवल कुमार ने मनपसंद कंपनी को काम देने के लिए वित्तीय बिड के आंकड़ों में हेराफेरी करवाया. सिविल सर्जन के मौखिक निर्देश पर दोबारा गणना की गयी और हेराफेरी कर सभी के दर को 3556.29 कर दिया गया. इससे चारों बिडर एल-वन श्रेणी के हो गये. इसके बाद लंबे अनुभव और टर्नओवर के आधार पर सामंता को एल-वन घोषित कर वर्क ऑर्डर दे दिया.

 

सरकार के निर्देश पर हुई जांच के दौरान रेट में हेराफेरी करने की पुष्टि हुई. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गुमला सिविल सर्जन के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने का आदेश दिया है. साथ ही सामंता को दिये गये वर्क ऑर्डर को रद्द कर नेय सिरे से एल-वन की गणना कर वर्क ऑर्डर देने का आदेश दिया है.

 

सरकार के इस आदेश के आलोक में जिन तीन कंपनियों का रेट 3556.20 पाया गया था उनके बीच एल-वन का चुनाव कर वर्क ऑर्डर दिया जायेगा. एल-वन की गणना के लिए अनुभव और टर्नओवर को आधार बनाये जाने का प्रावधान है.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही