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अवमानना याचिका दायर करने वाले कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही

राज्य सरकर ने अवमानना याचिका दायर करने के बाद अंचल निरीक्षक सत्यम भारद्वाज के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी.
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Ranchi: राज्य सरकर ने अवमानना याचिका दायर करने के बाद अंचल निरीक्षक सत्यम भारद्वाज के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी. अंचल निरीक्षक द्वारा सरकार के खिलाफ दायर अवमानना याचिका की सुनवाई जून के दूसरे सप्ताह में निर्धारित है. इस पूरी कानूनी लड़ाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रोन्नति के मुद्दे पर दायर मूल याचिका में कोई शपथ पत्र दायर नहीं किया गया.

 

सत्यम भारद्वाज की नियुक्ति राजस्व उप निरीक्षक के पद पर 1990 में हुई थी. वर्ष 2012 में राजस्व विभाग ने ग्रेडेशन लिस्ट को अंतिम रूप दिया. लेकिन इसमें भारद्वाज का नाम शामिल नहीं किया. राजस्व विभाग ने जनवरी 2019 में 56 राजस्व उप निरीक्षकों को अंचल निरीक्षक में प्रोन्नित दी. लेकिन सत्यम भारद्वाज को प्रोन्नित नहीं दी गयी. 

 

इसके बाद सत्यम भारद्वाज ने न्यायालय की शरण ली. न्यायालय ने भारद्वाज की याचिका पर विचार करने के बाद अपना फैसला सुनाया. इसमें न्यायालय ने राजस्व विभाग के समक्ष अपना पक्ष रखने का आदेश दिया. साथ ही विभाग को यह आदेश दिया कि वह याचिकाकर्ता द्वारा दिये गए आवेदन पर 12 सप्ताह में फैसला करे. 

 

न्यायाधीश आनंदा सेन की अदालत द्वारा दिये गये इस फैसले के आलोक में सीआई सत्यम भारद्वाज से राजस्व विभाग में अपना आवेदन दिया. विभाग ने विचार करने के बाद जुलाई 2019 को राजस्व उप निरीक्षक से अंचल निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति का आदेश दिया. 

 

इसके बाद भारद्वाज ने विभाग में एक आवेदन देकर उन्हें दी गयी प्रोन्नति की तिथि में बदलाव का अनुरोध किया, ताकि उनसे जूनियर अंचल निरीक्षक उनसे सीनियर नहीं हो जाये. विभाग द्वारा उनके आवेदन पर विचार नहीं किया गया. दूसरी बार उन्होंने अंचल निरीक्षकों की वरीयता सूची पर भी आपत्ति दर्ज करायी. सत्यम भारद्वाज की आपत्तियों का निपटारा किये बिना ही विभाग ने अंचल निरीक्षकों को अंचल अधिकारी/ सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद पर प्रोन्नत कर दिया. 

 

इसके बाद सत्यम भारद्वाज ने फिर न्यायालय की शरण ली. उन्होंने आइए दायर कर वरीयता के आधार पर अंचल अधिकारी/ सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद पर प्रोन्नति देने की मांग की. न्यायालय ने पूरे प्रकरण पर विचार करने के बाद याचिकाकर्ता को राजस्व विभाग के समक्ष प्राधिकार के समक्ष आवेदन देने का आदेश दिया. साथ ही विभाग को 12 सप्ताह में आवेदन निपटाने का आदेश दिया. 


विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा में आवेदन का निपटारा नहीं करने पर भारद्वाज ने कंटेम्प्ट पीटिशन दायर किया. इससे नाराज होकार विभागीय अधिकारियों ने भारद्वाज के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया.

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