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उपायुक्तों ने अपने अधिकार क्षेत्र से अधिक और वन भूमि पर माइनिंग लीज दिये

Ranchi: राज्य में उपायुक्तों ने अपने अधिकार से अधिक क्षेत्रफल पर माइनर मिनरल का लीज स्वीकृत किया. इसके अलावा वनभूमि पर भी लीज की स्वीकृति दी. ऑडिट के दौरान राज्य के छह जिलों ने नियमों का उल्लंघन कर लीज स्वीकृत करने के 44 मामले पकड़ में आये हैं.
 
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड इंटिग्रेटेड माइंस एंड मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम (JIMMS) पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2023 मे राज्य में कुल 727 माइनिंग लीज कार्यरत थे. इसमें से 128 लीज मेजर मिनरल के और 599 लीज माइनर मिनरल के हैं. ऑडिट ने नमूना जांच के लिए छह जिलों को चुना. इन जिलों में चाईबासा, चतरा, धनबाद, पाकुड़, पलामू और साहिबगंज का नाम शामिल है.
 
इन छह जिलों में कुल 344 लीज कार्यरत हैं. इसमें से 65 मेजर मिनरल्स और 279 माइनर मिनरल्स के हैं. इन जिलों के जिला खनन पदाधिकारियों (DMO) द्वारा उपलब्ध कराये गये दस्तावेज की जांच में पाया गया कि मार्च 2022 तक 279 लीज में से 269 कार्यरत थे. इसमें से 89 लीज के मामले वर्ष 2017-2022 के बीच स्वीकृत किये गये थे.
 
रिपोर्ट के मुताबिक शेष 180 लीज के मामले वर्ष 2017 से पहले स्वीकृत किये गये थे. ऑडिट ने 269 कार्यरत लीज में से नमूना जांच के लिए 119 लीज के मामले को चुना. जांच के लिए चुने गये कुल लीज में से 42 मामले वर्ष 2017-22 और 77 मामले वर्ष 2017 से पहले स्वीकृत किये गये थे.
 
नमूना जांच के लिए चुने गये इन 119 लीज में से 44 मामलों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पायी गयी. इसमें सबसे ज्यादा मामले अधूरे दस्तावेज पर लीज स्वीकृत करने के पकड़ में आये. अधूरे दस्तावेज पर लीज स्वीकृत करने के कुल 30 मामलों में से 11 मामले सिर्फ साहिबगंज जिले से संबंधित है.
 
नियमानुसार रैयती जमीन पर लीज के लिए रॉयल्टी क्लियरेंस सर्टिफिकेट और रैयत के सहमति पत्र से संबंधित शपथ पत्र को होना जरूरी है. अधूरे दस्तावेज के आधार पर दिये गये आवेदन को 30 दिनों के अंदर रद्द करने का नियम है.
 
ऑडिट के दौरान नियमों का उल्लंघन वन क्षेत्र में लीज स्वीकृत करने के आठ मामले पाये गये. झारखंड माइनर मिनरल्स रुल 2004 की धारा 5(3) में वन क्षेत्र में माइनिंग लीज नहीं देने का प्रावधान है. लेकिन सक्षम अधिकारियों ने इस नियम का उल्लंघन कर पलामू जिले में सात और चतरा जिले में लीज के एक मामले स्वीकृत किये.
 
ऑडिट के दौरान साहिबगंज के उपायुक्त द्वारा झारखंड माइनर मिनरल रुल का उल्लंघन कर अपने अधिकार से अधिक क्षेत्रफल पर लीज स्वीकृत किया जाने का मामला पाया गया. झारखंड माइनर मिनरल रुल में उपायुक्त को रैयती जमीन पर तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल पर ही लीज स्वीकृत करने का अधिकार है. लेकिन उपायुक्त ने 4.74 हेक्टेयर पर लीज स्वीकृत किया.
 
 

लीज स्वीकृति में ऑडिट के दौरान मिली गड़बड़ी

 
मामला जिला गड़बड़ी
01 साहिबगंज  अधिकार से अधिक पर लीज स्वीकृति
07  पलामू  वन क्षेत्र में लीज स्वीकृत
01  चतरा 01 वन क्षेत्र में लीज स्वीकृत
04  चाईबासा  अधूरे दस्तावे पर लीज स्वीकृत
04  चतरा अधूरे दस्तावेज पर लीज स्वीकृत
06  धनबाद अधूरे दस्तावेज पर लीज स्वीकृत
04  पाकुड़ अधूरे दस्तावेज पर लीज स्वीकृत
01  पलामू  अधूरे दस्तावेज पर लीज स्वीकृत
11  साहिबगंज  अधूरे दस्तावेज पर लीज स्वीकृत
02  धनबाद  डिफाल्टर को लीज
02 पाकुड़  डिफाल्टर को लीज
 
 
 
 
 
 
 

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