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मना करने के बावजूद खतरे के निशान को किया पार , छूकर निकल गयी मौत

Ashish Tagore Latehar: झारखंड का सबसे ऊंचा जल प्रपात लातेहार के महुआडांड़ में है. इसे लोध फॉल के नाम से जाना जाता है. हालांकि बूढ़ा नदी से निकलने के कारण इसे बूढ़ा घाघ भी कहते हैं. इन दिनों हो रही लगातार बारिश के कारण यह पूरे उफान पर है. अभी इसकी सुंदरता देखते ही बन रही है. इसका सौंदर्य बारिश ने बढ़ा दिया है. यही कारण है कि यहां इस मौसम में काफी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं. रविवार को भी यहां काफी संख्या में पर्यटक आये और लोध फॉल का नजारा किया. लेकिन इनमें से दो पर्यटक मना करने के बावजूद भी खतरे के निशान से आगे निकल गये और बाढ़ में फंस गये. इनकी पहचान बालुमाथ प्रखंड निवासियों के रूप में की गयी है. दरअसल रविवार की शाम तकरीबन साढ़े चार बजे के आसपास के दो युवक जलप्रपात के झरने के नजदीक तक पहुंच गए. झारखंड टूरिज्म डेवलमेंट कॉरपोनेशन लिमिटेड (जेटीडीसी) के कर्मियों ने उन्हें आगे जाने से मना किया. बावजूद इसके दोनों युवक आगे बढ़ गए. तभी अचानक झरने के पास बाढ़ आ गयी और दोनों युवक झरने के पानी के तेज बहाव के बीच फंस गये. अपनी जान बचाने के लिए वे एक बड़े पत्थर पर चढ़ गए. काफी देर इंतजार करने के बाद भी पानी का बहाव कम नहीं हुआ. जब इसकी जानकारी जेटीडीसी के कर्मियों को लगी तो वे मौके पर पहुंचे. जेटीडीसी कर्मी मनोज मिंज, दिलीप तिर्की, एडवर्ड तिर्की, अशोक तिर्की मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उन दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला. बता दें कि बारिश के दिनों में लोध जलप्रपात की खूबसूरती पूरे शबाब पर रहती है. प्रति दिन हजारों पर्यटक यहां आते हैं. लेकिन कई पर्यटक ऐसे भी होते हैं तो सुरक्षा कर्मियों की बात नहीं सुनते हैं और अपनी जान जोखिम में डाल कर लोगों को परेशान करते हैं. सुरक्षा कर्मियों ने यहां नियमों का पालन करने की अपील पर्यटकों से की है. इसे भी पढ़ें - ">https://lagatar.in/jharkhand-champai-and-chanchals-playfulness/">

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